

भारत की विविधता और अनोखी परंपराओं की कहानियां कभी-कभी हैरान कर देती है. ऐसा ही एक परिवार है मिजोरम राज्य के बकतावंग गांव में रहने वाला जियोना परिवार, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा परिवार माना जाता है. इस परिवार के मुखिया ज़ियोना चंग ने 39 महिलाओं से विवाह किया था. उनकी मृत्यु के बाद अब 39 विधवाएं एक ही विशाल घर में रह रही हैं और मिलकर 94 बच्चों की परवरिश कर रही हैं.
ज़ियोना परिवार की कहानी पूरे विश्व में चर्चित रही है. ज़ियोना चंग एक धार्मिक नेता थे और उनकी मान्यता के अनुसार उन्होंने कई विवाह किए थे. उनके परिवार में कुल मिलाकर सैकड़ों सदस्य हैं – पत्नियां, बच्चे, पोते-पोतियां समेत परिवार की संख्या 180 से ज्यादा बताई जाती है. मुखिया की मौत के बाद अब परिवार कैसे जीता है, आइये आपको बताते हैं.

आज भी एक साथ है परिवार
पूरा परिवार एक ही बड़े घर में रहता है, जहां अलग-अलग कमरे बने हैं. ज़ियोना चंग की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी विधवाओं और बड़े बच्चों पर आ गई है. आश्चर्य की बात यह है कि 39 सौतनें आज भी एक दूसरे के साथ बेहद प्रेम और समझदारी से रह रही हैं. वे बच्चों की देखभाल, घरेलू कामकाज और परिवार की परंपराओं को संभाल रही हैं.


परिवार के सदस्य बताते हैं कि पिता की मृत्यु के बाद भी घर में एकता बनी हुई है. यह परिवार अपनी अनोखी जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध है. घर इतना बड़ा है कि इसमें कई रसोई, शयनकक्ष और सामुदायिक जगहें हैं. परिवार के सभी सदस्य मिलकर खेती-बाड़ी, पशुपालन और छोटे-मोटे काम करते हैं. बच्चों की शिक्षा और देखभाल में सभी माताएं साथ देती हैं.
बनाया है वर्ल्ड रिकॉर्ड
मिजोरम के इस परिवार ने कई बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाने का दावा किया है. एक समय में इस परिवार को दुनिया का सबसे बड़ा परिवार माना जाता था. ज़ियोना चंग ने खुद को ईश्वर का दूत बताते हुए कई विवाह किए थे. उनकी पत्नियों ने भी इस व्यवस्था को स्वीकार किया और परिवार को आगे बढ़ाया. पति की मृत्यु के बाद परिवार पर कई चुनौतियां आईं, लेकिन 39 विधवाओं ने हिम्मत नहीं हारी. वे बच्चों को प्यार और अनुशासन के साथ बड़ा कर रही हैं.
परिवार के सदस्य कहते हैं कि “हमारे पिता की इच्छा थी कि हम सब एक साथ रहें, इसलिए हम उनकी विरासत को संभाल रहे हैं.” सोशल मीडिया पर जब इस परिवार की तस्वीरें और वीडियो वायरल होते हैं तो लोग हैरानी जताते हैं. कोई इसे अनोखा उदाहरण मानता है तो कोई आधुनिक समय में इस प्रथा पर सवाल उठाता है. फिर भी परिवार की एकता और आपसी प्रेम को लोग सराहते हैं.
