मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी कि PoK में आम जनता ने अब पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के एक MI-17 हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया, जो 21 सैनिकों को लेकर मुज़फ़्फ़राबाद की तरफ जा रहा था।

हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया और इसमें सवार सभी 21 सैनिक मारे गए। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने इसे तकनीकी खराबी का हादसा बताया और कहा कि हेलीकॉप्टर पर हमला नहीं हुआ। वहीं PoK की जनता का कहना है कि यह हादसा पाकिस्तानी फौज के जुल्मों का नतीजा है।


सेना लोगों को डराने के लिए फायरिंग कर रही

बता दें कि पाकिस्तान में सरकार और सेना के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना लोगों को डराने के लिए सीधी फायरिंग कर रही है और इस हिंसा में दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं। पाकिस्तानी सेना के द्वारा भेजी गई एविएशन ब्रिगेड को विशेष रूप से PoK में क्रैकडाउन के लिए तैनात किया गया है।

मस्जिदों, मदरसों और सरकारी इमारतों से एनाउंसमेंट किए जा रहे हैं, जिसमें चेतावनी दी जा रही है कि शहरों की तरफ़ बढ़ने वाले प्रदर्शनकारी सरकारी हुक्म की नाफरमानी करेंगे तो परिणाम भुगतने को तैयार रहें।

मारे गए लोगों की संख्या का कोई अंदाजा नहीं

PoK की जनता पर पाकिस्तानी सेना की इन धमकियों का असर नहीं हुआ। झेलम वैली, ददियाल, कोटली, भीमबर और हजीरा जैसे दूर-दराज के इलाकों से हजारों लोग शहरों की तरफ काफिले में बढ़ रहे हैं। पाकिस्तानी सेना ने उन्हें रोकने के लिए अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन लोग डरे नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मारे गए लोगों की संख्या का कोई अंदाजा नहीं है क्योंकि लाशें छुपाई जा रही हैं।

PoK में 8 जून से ही दुकानों के शटर डाउन

बता दें कि PoK में पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी ने महंगी बिजली और आटे के खिलाफ 9 जून से प्रदर्शन शुरू करने का एलान किया था। लेकिन लोग पाकिस्तान की सरकार से इतने नाराज हैं कि उन्होंने 8 जून से ही दुकानों के शटर डाउन कर दिए और शहरों की तरफ निकल पड़े। पाकिस्तान की सरकार ने बगावत को रोकने के लिए पैरा-मिलिट्री फोर्स और रेंजर्स को तैनात किया। निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं जिसमें दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबर है।

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