



सोशल मीडिया पर समय-समय पर टाइम ट्रैवल के दावे सामने आते रहते हैं. कोई कहता है उसने भविष्य देखा, कोई भूतकाल की बात करता है. इनमें से ज्यादातर दावों के पास कोई ठोस सबूत नहीं होता. हाल ही में एक पुराना दावा फिर से चर्चा में आ गया है. ब्रिटेन के लीसेस्टर का रहने वाला लुईस वॉकर नाम का व्यक्ति कहता है कि वह साल 4413 में पहुंच गया था और वहां एक भी इंसान नहीं मिला.
वॉकर का दावा है कि 1977 में वह ब्रिटेन के मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में काम करता था. उसके पिता ने उसे वहां नौकरी दिलाई थी. धीरे-धीरे उसे सीक्रेट जानकारियों तक पहुंच मिली. एक दिन उसे एक कमरे में बुलाया गया जहां वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्होंने टाइम ट्रैवल टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है.

वे उसे 600 साल आगे भेजना चाहते थे. बदले में 2.5 लाख पाउंड की पेशकश की गई थी. सफलता की संभावना सिर्फ 50 प्रतिशत बताई गई. असफल होने पर वह अंतरिक्ष-समय में खो सकता था या आयामों के बीच फंस सकता था. पैसे की जरूरत के चलते वॉकर राजी हो गया. उसके आगे जो हुआ, उसने सबको दंग कर दिया.
करने चला था टाइम ट्रैवल
वॉकर के मुताबिक, उसी रात हेलीकॉप्टर उसे इंग्लिश चैनल के नीचे स्थित एक गुप्त बेस पर ले गया. वहां पहुंचने के लिए डिस्गाइज्ड बिल्डिंग, लंबी सीढ़ी और अंडरग्राउंड टनल से गुजरना पड़ा. उसने दावा किया कि वहां टेलीपोर्टेशन और माइंड रीडिंग जैसे अज्ञात उपकरण थे. टाइम मशीन एक विशाल त्रिभुजाकार संरचना थी जिसमें तार जुड़े हुए थे. एक व्यक्ति बैठ सकता था.
उसे रेडिएशन प्रोटेक्टिव सूट पहनाया गया और मशीन में बिठाया गया. जोर की आवाज हुई, सब कुछ सफेद हो गया. आंख खुलने पर वह एक खाली अस्पताल में था. रोबोटिक आवाज ने उसका नाम लेकर कहा कि वह साल 4413 में है. अस्पताल से बाहर निकलने पर उसने उड़ती कारें और सड़कों पर ह्यूमन जैसे रोबोट्स देखे.
इंसान लगभग नदारद थे. एक व्यक्ति मिला जो खुद को 2030 का टाइम ट्रैवलर बताता था. उसने कहा कि 2028 में टाइम ट्रैवल पब्लिक हो जाएगा और 4413 टाइम ट्रैवलर्स के लिए लोकप्रिय जगह है. इंसान लंबे समय पहले तकनीक से मर्ज हो चुके हैं और अब सिर्फ रोबोट्स बचे हैं.
लौटकर आया वापस
वॉकर ने कुछ समय वहां बिताया, रोबोट्स से बात की जिन्हें वह दयालु और बुद्धिमान बताता है. फिर उसे वापस 1977 में भेज दिया गया. यह कहानी उसने 2018 में यूट्यूब चैनल एपेक्स टीवी पर सुनाई थी. चेहरा धुंधला रखा गया था. हाल के महीनों में यह दावा फिर से कई मीडिया आउटलेट्स पर छाया है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि वॉकर ने कोई सबूत पेश नहीं किया. ना कोई दस्तावेज, ना फोटो, ना कोई स्वतंत्र पुष्टि. वैज्ञानिक दृष्टि से टाइम ट्रैवल अभी तक संभव नहीं माना जाता. भौतिकी के वर्तमान नियमों के अनुसार अतीत या दूर के भविष्य में यात्रा करना व्यावहारिक रूप से असंभव है.
ऐसे दावे अक्सर मनोरंजन या ध्यान आकर्षित करने के लिए किए जाते हैं. एपेक्स टीवी जैसे चैनल पर कई समान कहानियां आई हैं. कुछ बाद में फर्जी साबित हुईं. एक मामले में एक व्यक्ति ने खुद कबूल किया कि उसे पैसे देकर कहानी गढ़ने को कहा गया था. इसलिए इस दावे को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है.
