



दुनियाभर में ऐसी कई जगहें हैं, जिन्हें देखकर हैरानी होती है. इनमें से कोई जगह दुनिया में सबसे ठंडा माना जाता है, तो कहीं पर लोग बादलों के ऊपर रहते हैं. लेकिन आज हम आपको दुनिया के एक ऐसे अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जो जमीन पर नहीं, बल्कि पानी के ऊपर बसा है. पूरा का पूरा गांव पानी के ऊपर तैरता है.
हम बात कर रहे हैं थाईलैंड की एक शांत खाड़ी में विशाल चूना पत्थर की चट्टानों की छांव में स्थित को पन्याई गांव की, जो किसी आश्चर्य से कम नहीं है. पानी पर बसा यह अनोखा आशियाना और यहां के लोगों का जीवट इतिहास आज हर किसी के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुका है. यहां पर ज्यादातर मछुआरे रहते हैं, जो मछली पकड़कर अपना जीवनयापन करते हैं.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इनके घर पानी के ऊपर कैसे बने होंगे? तो बता दें कि दक्षिण थाईलैंड की पंग नगा खाड़ी के उथले और शांत पानी के कारण मछुआरों ने पानी के ऊपर मजबूत खंभों पर अपने घर बनाए हैं. आज इस तैरती हुई बस्ती में लगभग तीन सौ से अधिक परिवार और डेढ़ हजार से ज्यादा लोग स्थायी रूप से निवास करते हैं.
इन सभी लोगों की जड़ें इंडोनेशिया से जुड़ी हुई हैं, जो करीब दो सौ साल पहले समंदर पार करके यहां आए थे. पुराने समय में थाईलैंड के कानून के मुताबिक विदेशियों को जमीन खरीदने की अनुमति नहीं थी. इसी कानूनी मजबूरी के चलते तोह बाबू और उनके साथियों ने जमीन पर कब्जा करने के बजाय समंदर के भीतर खंभों पर अपने आशियाने खड़े कर दिए थे.
वक्त के साथ पीढ़ियां बदलीं और यह छोटा सा पड़ाव एक संपन्न तथा आत्मनिर्भर गांव में तब्दील हो गया. आज इस अनोखे गांव में बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल, एक भव्य मस्जिद, हेल्थ सेंटर, छोटी-छोटी दुकानें और पर्यटकों के लिए बड़े रेस्तरां भी मौजूद हैं. इसके अलावा, यहां का तैरता हुआ फुटबॉल ग्राउंड पूरी दुनिया में पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र है.
हालांकि, इस गांव की रीढ़ आज भी मछली पकड़ने का व्यवसाय ही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पर्यटन ने स्थानीय लोगों की आजीविका को एक नया संबल दिया है. आज के समय में जहां आधी आबादी पर्यटन सेवाओं से जुड़ी हुई है, वहीं लगभग चालीस प्रतिशत लोग आज भी समंदर में मछलियां पकड़कर अपना गुजारा करते हैं.
आधुनिकता की बयार के बीच इस समुदाय ने अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को पूरी मजबूती के साथ सहेज कर रखा है. को पन्याई के ये जादुई नजारें और पानी पर तैरती हुई संस्कृति सिर्फ एक यात्रा भर नहीं है, बल्कि यह मानव जीवटता और संघर्ष का एक ऐसा जीवंत दस्तावेज है जो पर्यटकों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ जाता है. यहाँ की यात्रा करना हर पर्यटक के लिए एक अलग ही अनुभव होता है जो जीवन भर याद रहता है.
