बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में युक्तियुक्तकरण (Rationalization) और संशोधित पदोन्नति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस मामले में संलिप्त पाए जाने पर सुनील कुमार यादव, कनिष्ठ लेखा परीक्षा (तत्कालीन विधि खंड प्रभारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सीएम हेल्पलाइन पर की गई थी शिकायत

मिली जानकारी के अनुसार, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर में पदस्थ सुनील कुमार यादव के विरुद्ध युक्तियुक्तकरण और संशोधित पदोन्नति मामलों में भारी गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया, जिसने पूरे मामले की गहन जांच की।


जांच समिति की रिपोर्ट में हुई पुष्टि

जांच समिति द्वारा 31 अगस्त 2026 और 23 सितंबर 2026 को अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया सुनील कुमार यादव की संलिप्तता और अनियमितताएं प्रमाणित पाई गईं।

इसके बाद, कार्यालयीन पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारी को 24 सितंबर 2026 को कारण बताओ सूचना जारी की गई थी, जिसके जवाब में 25 सितंबर 2026 को उनका जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसे जांच में असंतोषजनक पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहत कार्रवाई

विभाग का मानना है कि सुनील कुमार यादव का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है, जो एक शासकीय सेवक से अपेक्षित पूर्ण सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और उच्च आचरण के सर्वथा विपरीत और घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

इसे ध्यान में रखते हुए, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहुउद्देशीय दयालबंद, विकासखंड – बिल्हा, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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