



बिलासपुर। रेलवे में टिकट दलाली के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच आरपीएफ ने करगीरोड रेलवे आरक्षण केंद्र में कार्रवाई की है। यहां तैनात मुख्य वाणिज्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा को बिना आरक्षण मांग पत्र के टिकट बनाने और अपने पास रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से टिकटों की बुकिंग और लेन-देन से संबंधित WhatsApp चैट भी मिलने की बात सामने आई है। आरपीएफ के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा के कथित तौर पर वीरेंद्र केंवट नामक व्यक्ति के कहने पर आरक्षित टिकट बनाने की जानकारी सामने आई है।

आरोप है कि इसके बदले प्रति यात्री 200 से 300 रुपये तक कमीशन लिया जाता था। हालांकि पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका करगीरोड रेलवे आरक्षण केंद्र में टिकट बुकिंग के दौरान अनियमितता की जा रही है। सूचना के आधार पर आरपीएफ और टिकट दलाली के नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
मुखबिर की सूचना पर आरक्षण केंद्र में दबिश
आरपीएफ को बुधवार को सूचना मिली थी कि करगीरोड रेलवे आरक्षण केंद्र में टिकट बुकिंग के दौरान अनियमितता की जा रही है। सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने आरक्षण केंद्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मुख्य वाणिज्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा के पास एक आरक्षित काउंटर टिकट मिला। आरपीएफ के अनुसार यह टिकट बिना आरक्षण मांग पत्र के बनाया गया था। इसके बाद टीम ने उसके मोबाइल फोन की जांच की।
WhatsApp चैट में टिकट बुकिंग से जुड़ी बातचीत
मोबाइल की जांच के दौरान WhatsApp पर टिकट बनाने और उपलब्ध कराने से संबंधित बातचीत मिलने की बात आरपीएफ ने कही है। टीम ने चैट और मोबाइल में मौजूद टिकट संबंधी जानकारी को जांच के लिए सुरक्षित किया। आरपीएफ के अनुसार WhatsApp चैट की 14 पेज की प्रिंट कॉपी भी तैयार की गई है। मोबाइल फोन और टिकटों से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है।
76 हजार रुपये से ज्यादा के 15 टिकट मिले
जांच के दौरान आरपीएफ को आरोपी के कब्जे से PNR 2164155098 वाला एक काउंटर टिकट मिला, जिसकी कीमत 1,470 रुपये बताई गई है। इसके अलावा मोबाइल में WhatsApp के जरिए 14 अन्य टिकटों की जानकारी मिली। इनमें तीन पुराने टिकटों की कुल कीमत 9,280 रुपये और भविष्य की यात्रा के लिए बनाए गए 11 टिकटों की कीमत 65,470 रुपये बताई गई है। इस तरह जांच में सामने आए 15 टिकटों की कुल कीमत 76,190 रुपये बताई गई है।
टिकट दलाली नेटवर्क की जांच जारी
आरपीएफ अब इस मामले में टिकट बुक कराने वाले लोगों, कथित बिचौलियों और अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरक्षण केंद्र से टिकटों की बुकिंग किस तरह की जा रही थी और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल मुख्य वाणिज्य लिपिक चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरपीएफ द्वारा जब्त मोबाइल, WhatsApp चैट और टिकटों से मिली जानकारी को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
