अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन जोस शहर में एक बेहद खूबसूरत विक्टोरियन शैली का महल स्थित है. बाहर से देखने पर सुंदर बगीचों से घिरा यह विशाल घर किसी आम आलीशान हवेली जैसा ही नजर आता है. लेकिन जैसे ही आप इसके मुख्य दरवाजे से अंदर कदम रखते हैं, आपको एक अलग ही रहस्यमयी दुनिया का अहसास होता है.

विंचेस्टर मिस्ट्री हाउस के नाम से मशहूर यह सात मंजिला महल अपनी अनोखी और अजीब बनावट के लिए पूरी दुनिया में चर्चित है. यह घर असल में बंदूक निर्माण के बड़े कारोबारी विलियम विर्ट विंचेस्टर की विधवा सारा विंचेस्टर का था. 160 से भी ज्यादा कमरों वाले इस महल में ऐसी-ऐसी वास्तुकला की चीजें मौजूद हैं जो किसी का भी दिमाग घुमा दे.


आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन बता दें कि इस घर की सीढ़ियां सीधे छत से टकराकर खत्म हो जाती हैं, तो कई दरवाजे सीधे ऊंचाइयों पर खुलते हैं, जहां से नीचे गिरने पर किसी की भी मौत हो सकती है. इतना ही नहीं, घर के अंदर की खिड़कियां दूसरे कमरों के भीतर खुलती हैं और चिमनियां सीलिंग से पहले ही रुक जाती हैं. ऐसा लगता है मानो यह घर नहीं, कोई अजूबो हो.

इसका निर्माण इसकी मालकिन सारा विंचेस्टर के खौफ और जिद के कारण हुआ था, जिन्होंने लगातार 38 सालों तक बिना रुके दिन-रात इस घर को बनवाया. शुरुआत साल 1881 में हुई, जब मशहूर विंचेस्टर राइफल कंपनी के मालिक विलियम विर्ट विंचेस्टर की अचानक बीमारी से मौत हो गई. उनके निधन के बाद उनकी विधवा पत्नी सारा विंचेस्टर के पास उस दौरान 192 करोड़ रुपए से ज्यादा की अकूत संपत्ति और कंपनी की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी आ गई, जिससे उन्हें रोजाना तब लगभग 1 लाख रुपए की भारी-भरकम कमाई होती थी.

हालांकि, महिला को मिली यह अपार दौलत उनके दुखों को कम नहीं कर सकी. पति से 15 साल पहले वे अपनी नवजात बेटी को भी खो चुकी थीं. अपनों को खोने के गम में डूबी सारा सलाह लेने के लिए एक तांत्रिक के पास गईं. तांत्रिक ने उन्हें बताया कि उनके पति की कंपनी की बंदूकों से जितने भी लोग मारे गए हैं, उनकी आत्माएं विंचेस्टर परिवार को भटककर परेशान कर रही हैं और उनकी बेटी तथा पति की बेवक्त मौत भी उसी शाप का नतीजा है.

तांत्रिक ने उन्हें पश्‍चिम दिशा की ओर जाकर भूतों के लिए एक घर बनाने और उसका निर्माण कभी न रोकने की सलाह दी. तांत्रिक की बात मानकर सारा कनेक्टिकट छोड़कर सैन जोस आ गईं और एक मामूली सी संपत्ति खरीदकर घर बनाना शुरू कर दिया. इस विशाल घर को बनाने के लिए सारा ने किसी भी पेशेवर आर्किटेक्टकी मदद नहीं ली और न ही उनके पास कोई नक्शा था. सारा रोज सुबह अपने फोरमैन से मिलती थीं और उसे हाथ से बने अपने चित्र दिखाती थीं.

यदि कोई योजना सही काम नहीं करती थी, तो वे उसे तुरंत तोड़कर फिर से बनवाने लगती थीं. माना जाता है कि बिना सिर-पैर की सीढ़ियां और उलझी हुई गलियारे सारा ने इसलिए बनवाए, ताकि भटकती हुई आत्माएं और भूत इस भुलभुलैया में उलझकर भटक जाएं. यह घर अपने जमाने के हिसाब से बेहद आधुनिक था. इसमें इनडोर टॉयलेट, गर्म पानी के शॉवर, गैस लाइट, लिफ्ट और सोने-चांदी के झूमर जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं.

निर्माण का यह सिलसिला 5 सितंबर 1922 को सारा की मौत तक लगातार 38 सालों तक चलता रहा. कहा जाता है कि जब मजदूरों को उनकी मौत की खबर मिली, तो उन्होंने आधी ठुकी हुई कीलों को भी वैसा ही छोड़ दिया था. मौत के समय यह महल 4.5 एकड़ में फैला हुआ था और इसमें इतने कमरे थे कि हर बार गिनती करने पर नया आंकड़ा सामने आता था. शुरुआत में इसमें 148 कमरे बताए गए थे, जो बाद में बढ़कर 161 हो गए. 1974 में इस अजीबोगरीब इमारत को अमेरिका के राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थलों की सूची में शामिल किया गया था.

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