अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘गस’ नाम का एक टी-रेक्स कंकाल 483 करोड़ रुपये में बिका है. यह 67 मिलियन साल पुराना डायनासोर कंकाल है. 483 करोड़ रुपये की इस भारी भरकम कीमत के साथ ‘गस’ दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर फॉसिल बन गया है. ‘गस’ ने 2024 में 433 करोड़ रुपये में बिके एपेक्स और 2020 में 308 करोड़ रुपये में बिके स्टेन डायनासोर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

यह नीलामी इसलिए भी खास है क्योंकि ‘गस’ अब तक मिले सबसे बड़े और पूरे टी-रेक्स कंकालों में से एक है. यह कंकाल 38 फीट लंबा है. इसका वजन और साइज वैज्ञानिकों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है. नीलामी में 10 मिनट तक चली कड़ी टक्कर के बाद एक अनजान खरीदार ने इस पर अपना कब्जा जमाया.


‘गस’ डायनासोर का साइज और कंकाल इतना खास क्यों है?

‘गस’ एक आम डायनासोर कंकाल नहीं है. यह 38 फीट लंबा है. इसकी ऊंचाई करीब 12.5 फीट है. सोथबी के अनुसार यह 63 प्रतिशत तक पूरा कंकाल है. इसके बचे हुए हिस्से जानवर के कुल वजन का 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं. इस कंकाल का सिर बहुत अच्छी हालत में मिला है. इसके जबड़े और दांत काफी मजबूत और सुरक्षित हैं.

इसके दो पैर और एक बेहद दुर्लभ हड्डी भी मिली है जिसे विशबोन कहा जाता है. यही वजह है कि यह कंकाल साइंस और रिसर्च के लिए बहुत अहम है. इसकी बनावट वैज्ञानिकों को टी-रेक्स की जिंदगी के कई राज समझने में काफी मदद करेगी.

‘गस’ कंकाल की खोज अमेरिका में कैसे और कहां हुई थी?

इस विशाल कंकाल की खोज 2021 में अमेरिका के साउथ डकोटा में हुई थी. एक फॉसिल खोजने वाली टीम ने यूं ही एक जगह खुदाई करने का फैसला किया था. टीम ने कुछ ही घंटों में डायनासोर के पैर की हड्डी खोज निकाली. यह एक बहुत बड़ी कामयाबी थी. इसके बाद पांच साल तक इस कंकाल की खुदाई और रिस्टोरेशन का काम चला.

इस दौरान करीब 1000 अलग-अलग टुकड़ों को निकाला गया. इन टुकड़ों को बहुत सावधानी से हाथ से जोड़ा गया. इस काम में काफी मेहनत और पैसा लगा. कंकाल को सपोर्ट देने के लिए एक खास फ्रेम भी बनाया गया. इसका साइज इतना बड़ा था कि इसे एक पिकलबॉल कोर्ट में रखा गया था.

483 करोड़ में बिकने वाले ‘गस’ का नाम किसके नाम पर रखा गया?

इस डायनासोर का नाम एक फार्म के मालिक गैरी लिकिंग के नाम पर रखा गया है. गैरी की जमीन पर ही यह विशाल कंकाल मिला था. गैरी इस पूरे कंकाल को अपनी आंखों से नहीं देख पाए और उनकी मौत हो गई. उनकी पत्नी डाना लिकिंग इस प्रोजेक्ट से हमेशा जुड़ी रहीं. खुदाई करने वाली टीम ने उन्हें हर बड़ी खोज के बारे में बताया.

नीलामी से पहले उम्मीद थी कि यह कंकाल करीब 190 से 280 करोड़ रुपये में बिकेगा. लेकिन असल कीमत ने सबको हैरान कर दिया. सोथबी की वाइस चेयर कैसेंड्रा हैटन ने कहा, ”गस’ सिर्फ एक शानदार खोज नहीं है बल्कि इसे बहुत अच्छे से निकाला और संभाला गया है.’

वैज्ञानिक इस डायनासोर की नीलामी से खुश क्यों नहीं हैं?

भले ही ‘गस’ ने नीलामी में रिकॉर्ड तोड़ दिया हो लेकिन कई लोग इससे खुश नहीं हैं. साइंटिस्ट और रिसर्चर्स चाहते थे कि ऐसे अहम फॉसिल पब्लिक म्यूजियम में रखे जाएं. सोसायटी ऑफ वर्टिब्रेट पेलियोन्टोलॉजी ने भी इसकी अपील की थी. सोसायटी की वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टीना करी रोजर्स ने कहा, ‘एक अहम जीवाश्म की खोज उसकी वैज्ञानिक कहानी की सिर्फ शुरुआत है.’

उनका मानना है कि म्यूजियम में रखे फॉसिल सालों बाद भी नई रिसर्च का हिस्सा बन सकते हैं. अगर यह कंकाल किसी प्राइवेट कलेक्शन में जाता है तो साइंटिस्ट इस पर रिसर्च नहीं कर पाएंगे. टी-रेक्स अपने बड़े जबड़े और छोटे हाथों के लिए मशहूर है. अब यह देखना बाकी है कि ‘गस’ किसी म्यूजियम की शान बनेगा या किसी अमीर का प्राइवेट कलेक्शन.

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *