

डॉक्टर को धरती का दूसरा भगवान कहा जाता है. जब कोई डॉक्टर सही समय पर सूझबूझ दिखाकर मरीज की जान बचा ले, तो वह सच में भगवान का रूप बन जाता है. ऐसा ही एक नेक और साहसिक काम कर दिखाया है पूर्णिया के आईएमए के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में पूर्णिया जीएमसीएच के एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर सुधांशु कुमार ने. उन्होंने चलती फ्लाइट में एक आईएएस दंपत्ति की जान बचाई. जिसके बाद इंडिगो एयरलाइंस ने उन्हें एक अनोखा सम्मान दिया.
इंदौर से लौटते वक्त फ्लाइट में अचानक बिगड़ी IAS की तबीयत
डॉक्टर सुधांशु कुमार ने इस घटना को याद करते हुए बताया कि उनके पूरे करियर में ऐसा मौका पहली बार आया था. यह घटना साल 2017 की है जब वह स्वास्थ्य विभाग की एक मीटिंग में शामिल होने के लिए बागडोगरा से इंदौर गए थे. मीटिंग खत्म करने के बाद जब वह इंडिगो की फ्लाइट से वापस लौट रहे थे, तभी बीच हवा में अचानक एक सह-यात्री (जो कि आईएएस दंपत्ति थे) की तबीयत बेहद बिगड़ गई. मरीज की गंभीर स्थिति को देखकर फ्लाइट के अंदर अफरा-तफरी का माहौल हो गया.

फ्लाइट में हुआ अनाउंसमेंट और देवदूत बनकर आगे आए डॉ. सुधांशु
हालात बिगड़ते देख केबिन क्रू ने तुरंत फ्लाइट में अनाउंसमेंट की कि अगर विमान में कोई डॉक्टर मौजूद हैं, तो कृपया मरीज की मदद के लिए आगे आएं. अनाउंसमेंट सुनते ही डॉ. सुधांशु ने बिना एक पल गंवाए क्रू मेंबर्स से संपर्क किया. अपनी पहचान बताने के बाद क्रू ने तुरंत मरीज की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी. डॉ. सुधांशु ने अपनी मेडिकल एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल करते हुए तुरंत मरीज को सीपीआर देना शुरू किया.


इसके साथ ही उन्होंने क्रू मेंबर्स से फ्लाइट की इमरजेंसी मेडिकल किट से कुछ जरूरी दवाइयां मांगी. सीपीआर और सही समय पर दी गई दवाइयों के असर से कुछ ही देर में आईएएस मरीज की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई. बागडोगरा एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होने के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल भेजा गया. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर बताया.
इंडिगो ने दिया 5 साल तक मुफ्त हवाई यात्रा का पास
डॉ. सुधांशु की इस त्वरित सूझबूझ और काबिलियत को सलाम करते हुए इंडिगो फ्लाइट ने उन्हें एक बड़ा और ऐतिहासिक सम्मान दिया. एयरलाइंस कंपनी ने उन्हें दिल्ली बुलाकर प्रशस्ति पत्र सौंपा और 5 साल तक इंडिगो की फ्लाइट्स में मुफ्त यात्रा करने का ‘गोल्डन पास’ गिफ्ट किया.
इसके अलावा पूर्णिया के जिलाधिकारी की तरफ से भी उन्हें इस गौरवपूर्ण कार्य के लिए सम्मानित किया गया. डॉ. सुधांशु कहते हैं कि इंडिगो और जिला प्रशासन की तरफ से मिले इस सम्मान के लिए वह बेहद आभार व्यक्त करते हैं, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि एक डॉक्टर के रूप में हवा में किसी की जान बचा पाना थी.
