


जर्मनी की राजधानी बर्लिन में महिलाओं को एक नई आजादी मिली है. अब महिलाएं पुरुषों की तरह पब्लिक स्विमिंग पूल में टॉपलेस तैर सकती हैं. 2023 में एक महिला की शिकायत के बाद शहर के प्रशासन ने साफ कर दिया कि पूल के नियम सभी के लिए समान हैं.
क्या है पूरा मामला?
एक महिला को पूल में टॉपलेस तैरने से रोका गया था. इसके बाद उसने भेदभाव की शिकायत की थी. इसके बाद बर्लिन की bathing authority ने नियमों की समीक्षा की. उन्होंने पाया कि नियमों में “commercial swimwear” की बात है लेकिन कोई जेंडर स्पेसिफिक नियम नहीं है. इसलिए अब महिलाओं और नॉन-बाइनरी व्यक्तियों को भी पुरुषों के समान टॉपलेस तैरने की अनुमति दे दी गई है.

जर्मनी की फ्री बॉडी कल्चर
जर्मनी में Freikörperkultur (FKK) यानी फ्री बॉडी कल्चर की लंबी परंपरा रही है. 19वीं सदी से ही यहां नग्नता को प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. कई शहरों ने इससे पहले ही ऐसा नियम लागू कर दिया था. बर्लिन का यह कदम उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है. एंटी-डिस्क्रिमिनेशन अधिकारी ने इसे “सभी बर्लिनवासियों के लिए समान अधिकार” बताया. वहीं जेंडर इक्वालिटी के समर्थक इसे बड़ा कदम मान रहे हैं. इस फैसले के बाद पूल स्टाफ को अब कानूनी स्पष्टता मिल गई है.
विवाद भी
कुछ लोगों का कहना है कि यह फैसला व्यावहारिक रूप से कितना प्रभावी होगा. परिवारों और पारंपरिक सोच वाले लोगों में असुविधा हो सकती है. हालांकि कानूनी रूप से अब कोई रोक नहीं है. यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. कई देशों में महिलाओं के अधिकारों पर बहस छिड़ गई है. कुछ इसे बॉडी पॉजिटिविटी और इक्वालिटी का प्रतीक बता रहे हैं तो कुछ इसे अनावश्यक मान रहे हैं.
