क्या आप जानते हैं कि समुद्र में तैरती एक घिनौनी चीज सोने-चांदी से भी ज्यादा महंगी है? जी हां, यह व्हेल मछली की उल्टी है जिसे वैज्ञानिक भाषा में एम्बरग्रिस कहते हैं. दुनिया भर में इसकी कीमत लाखों-करोड़ों तक पहुंच जाती है. इस उल्टी का एक छोटा सा ढेला मछुआरों की गरीबी मिटा सकता है और उन्हें रातोंरात करोड़पति बना सकता है. परफ्यूम इंडस्ट्री में इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि इसे फ्लोटिंग गोल्ड या समुद्री खजाना भी कहा जाता है.

कैसे बनती है व्हेल की उल्टी?

यह स्पर्म व्हेल के पेट में बनने वाला एक मोम जैसा पदार्थ है जो व्हेल को अपने खाने से होने वाली चोट से बचाता है. व्हेल इसे उल्टी या मल के रूप में बाहर निकाल देती है. शुरू में यह बदबूदार होता है लेकिन कुछ दिनों बाद इसमें मीठी खुशबू आ जाती है. यही वजह है कि लग्जरी परफ्यूम बनाने वाली कंपनियां इसे फिक्सेटिव के तौर पर इस्तेमाल करती है. इससे खुशबू घंटों तक बनी रहती है. चैनल, लैनविन जैसी ब्रांड्स इसमें एम्बरग्रिस का इस्तेमाल करती है.


अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें बताया गया है कि टॉप क्वालिटी का एम्बरग्रिस 1 किलो के हिसाब से 1.2 लाख डॉलर यानी करीब 1 करोड़ रुपये में बिक रहा है. सोने की कीमत इससे कहीं कम है. भारत में भी 1 किलो एम्बरग्रिस की कीमत 1 से 2 करोड़ रुपये तक बताई जाती है. यही वजह है कि मछुआरे अगर इसे समुद्र तट पर तैरता हुआ पा लें तो उनकी किस्मत पलट जाती है.

कई लोगों को बनाया करोड़पति

कई देशों में ऐसे केस सामने आ चुके हैं जहां मछुआरे व्हेल की उल्टी पाकर रातोंरात अमीर बन गए. उदाहरण के लिए 2021 में यमन के 35 मछुआरों को एक स्पर्म व्हेल की लाश में 127 किलो एम्बरग्रिस मिला. उन्होंने इसे 1.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 12.5 करोड़ रुपये में बेच दिया. पूरा गांव खुशी से झूम उठा.

हर परिवार ने नया घर, कार और नाव खरीदी. ओमान में 2016 में तीन मछुआरों को 80 किलो एम्बरग्रिस मिला जिसकी कीमत 2.5 से 3 मिलियन डॉलर तक बताई गई. वे भी करोड़पति बन गए. भारत में भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं.

महाराष्ट्र के दापोली में कस्टम विभाग ने 5 करोड़ रुपये की व्हेल उल्टी जब्त की. केरल में मछुआरों को 28 करोड़ रुपये कीमत वाली एम्बरग्रिस मिली थी. गुजरात और गोवा में भी पुलिस ने करोड़ों की व्हेल उल्टी पकड़ी है. हालांकि भारत में इसका व्यापार प्रतिबंधित है लेकिन समुद्री किनारे मछुआरे अगर इसे पा लें तो उनकी जिंदगी बदल सकती है.

क्यों इतनी महंगी है यह चीज?

इसकी कीमत इतनी ज्यादा होने की वजह है इसकी दुर्लभता. स्पर्म व्हेल में भी सिर्फ 1 फीसदी मामलों में ही यह बनती है. प्राकृतिक रूप से मिलने वाली यह चीज सिंथेटिक से कहीं बेहतर काम करती है. परफ्यूम इंडस्ट्री में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है.

एक ग्राम एम्बरग्रिस 30-40 डॉलर में बिकता है जबकि अच्छी क्वालिटी का तो 100 डॉलर प्रति ग्राम तक. एक छोटा सा 1 किलो का ढेला ही किसी गरीब मछुआरे को करोड़पति बना सकता है. मछुआरों के लिए यह खजाना जीवन बदलने वाला साबित होता है. गरीबी, कर्ज और मेहनत की जिंदगी से निकलकर वे नई शुरुआत कर लेते हैं.

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