
मौत के बाद किसी की यादों को संजोने के पारंपरिक तरीके हम सभी जानते हैं, लेकिन अमेरिका के डेनवर में एक लड़की ने अपनी सगी बहन की आखिरी इच्छा को जिस तरह पूरा किया, वह रूह को छू लेने वाला है. लड़की का नाम एरिन मेरेली है, जो अमेरिका के डेनवर की रहने वाली हैं. एरिन की बहन एक आर्टिस्ट थीं, जिन्होंने मरने से पहले अपनी बहन से एक आखिरी इच्छा व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि मरने के बाद उनकी अस्थियों को राख बनाने के बजाय एक खूबसूरत ‘म्यूजिक झूमर’ (Wind Chime) में बदल दिया जाए, ताकि जब भी हवा चले, उनकी मौजूदगी का संगीत घर में गूंजता रहे. एरिन की बहन ने जीते-जी हिरण की हड्डियों से एक विंड चाइम बनाया था और एक दिन जब वे एरिन के बाल बना रही थीं, तो उन्होंने अचानक कहा, “जब मैं मर जाऊं, तो मेरी हड्डियों से भी ऐसा ही एक नीला विंड चाइम बनाना.”

एरिन ने अपनी बहन के उस वादे को निभाने के लिए ‘पानी में अंतिम संस्कार’ (Water Cremation) का सहारा लिया, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘अल्कलाइन हाइड्रोलिसिस’ कहा जाता है. यह प्रक्रिया आग वाली सामान्य अंत्येष्टि से बिल्कुल अलग है. इसमें आग के तत्व की जगह पानी के तत्व का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर को धीरे-धीरे रसायनों की मदद से नष्ट कर देता है.


एरिन बताती हैं कि इस प्रक्रिया के बाद त्वचा, कोमल ऊतक और अंग पानी में मिलकर एक पोषक तत्वों से भरपूर तरल में बदल जाते हैं, जिसे ‘लिक्विड गोल्ड’ कहा जाता है. इस तरल का इस्तेमाल पौधों को उगाने और जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए किया जा सकता है. बाकी बची हड्डियों को एक बारीक पाउडर में बदल दिया जाता है, जो दिखने में पिसी हुई चीनी जैसा होता है.
अपनी बहन की आंखों के रंग जैसा हल्का नीला विंड चाइम बनाने के लिए एरिन ने कलाकार केली गिलरन की मदद ली. केली ने उन अस्थियों के पाउडर को एक विशेष सामग्री में मिलाकर हाथ से कंकाल का डिजाइन तैयार किया और हर हिस्से को बड़ी सावधानी से तराशा. जब एरिन ने पहली बार उस विंड चाइम को देखा, तो वे भावुक हो गईं.
उन्होंने कहा, “भले ही मेरी बहन इस दुनिया में नहीं है, लेकिन हवा के झोंकों के साथ जब यह विंड चाइम बजता है, तो मुझे महसूस होता है कि वह मेरे पास ही है.” एरिन ने बताया कि हड्डियों के इस पाउडर का इस्तेमाल आज के समय में टैटू की स्याही से लेकर मिट्टी के बर्तन बनाने तक में किया जा रहा है. उनके लिए यह केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि अपनी बहन के साथ जुड़ा रहने का एक तरीका है.
एरिन का मानना है कि हम अक्सर अपनी पुरानी परंपराओं में इतने बंधे होते हैं कि अपने प्रियजनों को विदा करने की रचनात्मक आजादी को भूल जाते हैं. उनका कहना है कि जरूरी नहीं कि हम अपनों को छह फीट नीचे दफन करें या आग के हवाले करें, हम उन्हें प्रकृति के चक्र में वापस भी लौटा सकते हैं. एक ‘डेथ एजुकेटर’ के रूप में एरिन लोगों को यह समझाना चाहती हैं कि शोक मनाने और किसी को याद करने के तरीके व्यक्तिगत हो सकते हैं.
वे कहती हैं, “अगर हम अपने दुख को व्यक्त करने के तरीके नहीं खोजते, तो वह दुख अगली पीढ़ियों तक पहुंचता रहता है.” बता दें कि वॉटर क्रिमेशन न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि यह परिवार को एक ऐसा अवशेष देता है जिसे वे अपनी पसंद के अनुसार संजो सकते हैं. आज एरिन के घर में टंगा वह विंड चाइम केवल एक सजावट का सामान नहीं है, बल्कि एक बहन का अपनी बहन को दिया गया सबसे खूबसूरत सम्मान है.
