


दुनिया में एक ऐसा देश है, जहां गांजा लीगल है. इसके अलावा इस देश में आप सेम सेक्स मैरिज कर सकते हैं, जो लीगल है. इसके अलावा यहां एबॉर्शन भी कानूनी है. साथ ही इस देश में भ्रष्टाचार के मामले शून्य है.
अगर कोई देश हो जहां गांजा खरीदना-बेचना पूरी तरह कानूनी हो, पुलिस आपको नहीं पकड़े बल्कि सरकार खुद दुकानें चलाए, समलिंगी शादी हो, एबॉर्शन हो और भ्रष्टाचार नाम की कोई चीज ना हो तो आप किस देश की कल्पना करेंगे? यह कोई काल्पनिक जगह नहीं बल्कि दक्षिण अमेरिका का छोटा सा देश Uruguay है, जिसे दुनिया का सबसे शांत और प्रगतिशील देश कहा जाता है.

गांजा लीगल कैसे हुआ?
वर्ष 2013 में उरुग्वे दुनिया का पहला देश बना जिसने पूरे देश में गांजा पूरी तरह कानूनी बना दिया. यहां गांजा ना सिर्फ लीगल है बल्कि फार्मेसी और लाइसेंस्ड दुकानों पर खुलेआम बिकता है. सरकार खुद इसकी खेती, उत्पादन और बिक्री नियंत्रित करती है. इसका मकसद था- अवैध माफिया और ड्रग कार्टल को खत्म करना और टैक्स के रूप में सरकार को राजस्व देना. आज Uruguay में 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति कानूनी रूप से गांजा खरीद, रख और इस्तेमाल कर सकता है. पर्यटक भी सीमित मात्रा में ले सकते हैं. पुलिस नशे की जांच नहीं करती बल्कि ट्रैफिक नियमों पर ध्यान देती है.
इंसानों से ज्यादा गायें
उरुग्वे में लगभग 34 लाख इंसान रहते हैं जबकि गायों की संख्या 1.2 करोड़ से ज्यादा है. यानी हर इंसान पर औसतन 3-4 गायें हैं. यहां मांस निर्यात बहुत बड़ा उद्योग है. बीफ की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि दुनिया भर में मशहूर है. उरुग्वे कई सामाजिक मुद्दों पर बहुत आगे है. यहां सेम सेक्स मैरिज 2013 में ही लीगल कर दिया गया था. इसके अलावा 2012 से महिलाओं को पहली 12 हफ्तों तक एबॉर्शन का अधिकार है. इस देश में भ्रष्टाचार ना के बराबर है. Transparency International के अनुसार उरुग्वे लैटिन अमेरिका का सबसे कम भ्रष्टाचार वाला देश है. यहां राजनेता और अधिकारी काफी ईमानदार माने जाते हैं. वहीं संसद में महिलाओं की अच्छी भागीदारी है.
उरुग्वे की अन्य खासियतें
शिक्षा और स्वास्थ्य पूरी तरह मुफ्त है.
90% से ज्यादा आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है.
देश में बहुत कम अपराध दर है.
लोग बेहद शांत और खुशहाल जीवन जीते हैं. इसी वजह से इसे “World’s Most Chill Country” भी कहा जाता है.
कैसे बना यह मॉडल?
उरुग्वे की सफलता का राज उसकी छोटी आबादी और मजबूत लोकतांत्रिक परंपरा है. 2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति Jose Mujica (जिन्हें “दुनिया के सबसे गरीब राष्ट्रपति” कहा जाता था) ने गांजा लीगलाइजेशन का ऐतिहासिक फैसला लिया. उनका मानना था कि नशे से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका उसे नियंत्रित करना है, ना कि प्रतिबंध लगाना. आज कई देश उरुग्वे के इस मॉडल को फॉलो कर रहे हैं. कनाडा, थाईलैंड, जर्मनी और कई अमेरिकी राज्य अब इसी रास्ते पर चल रहे हैं.
