चीन की वो खतरनाक सड़क, जहां जाने के लिए चाहिए जिगरा, सिर्फ 23 परिवारों ने छेनी-हथौड़े से बना डाला ये रास्ता!

चीन के चोंगकिंग प्रांत में सिर्फ 23 परिवारों ने मिलकर बिना किसी मशीन के, सिर्फ हथौड़े-छेनी से 3000 फीट ऊंचे पहाड़ को काटकर एक खौफनाक सड़क बना दी. ‘लैनयिंग क्लिफ रोड’ के नाम से मशहूर यह रास्ता आज दुनिया की सबसे खतरनाक सड़कों में से एक है, जहां जाने के लिए जिगरा चाहिए.

दुनिया भर में जब भी कोई बड़ी सड़क या सुरंग बनानी होती है, तो बड़ी-बड़ी क्रेन, बुलडोजर और आधुनिक मशीनों की मदद ली जाती है. लेकिन कई बार इंसानी जज्बा और कुछ कर गुजरने की जिद इतनी बड़ी होती है कि वह आधुनिक मशीनों को भी छोटा साबित कर देती है. जरा सोचिए, समुद्र तल से करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर एक सीधा और खतरनाक पहाड़ खड़ा हो और उस पर बिना किसी सरकारी मदद या भारी मशीनरी के सिर्फ हाथों से एक पूरी सड़क खोद दी जाए!


यह सुनने में भले ही कोई काल्पनिक फिल्म की कहानी लगे, लेकिन चीन के एक सुदूर इलाके में रहने वाले कुछ परिवारों ने इस नामुमकिन काम को सच में हकीकत बना दिया है. आज इस रास्ते को दुनिया की सबसे हैरान कर देने वाली ‘स्काई रोड’ में गिना जाता है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छे ड्राइवरों के भी पसीने छूट जाते हैं. यहां पर गाड़ी लेकर जाने के लिए जिगरा चाहिए.

यह कहानी दक्षिण-पश्चिम चीन के चोंगकिंग प्रांत में स्थित लैनिंग (Lanying, China) गांव की है. साल 2001 तक यह छोटा सा गांव पूरी दुनिया से एकदम कटा हुआ था और यहां रहने वाले लोग बेहद गरीबी और लाचारी में जी रहे थे. पहाड़ों के बीच घिरे इस गांव में कुल मिलाकर सिर्फ 23 परिवार रहते थे, जिनकी कुल आबादी लगभग 80 लोगों की थी.

बाहर की दुनिया से जुड़ने का कोई रास्ता न होने के कारण इन परिवारों ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसे सुनकर हर कोई उन्हें पागल कहता. इन 23 परिवारों ने तय किया कि वे खुद मिलकर इस सीधे खड़े पहाड़ का सीना चीरेंगे और अपने लिए एक गाड़ी चलाने लायक सड़क तैयार करेंगे. उनके पास न तो कोई पैसा था और न ही उस संकरे पहाड़ पर कोई बड़ी मशीन ले जाई जा सकती थी. लेकिन इस नामुमकिन मिशन को पूरा करने के लिए गांव के हर एक परिवार को सड़क का एक-एक हिस्सा सौंप दिया गया.

छैनी-हथौड़ी से बना दी खतरनाक सड़क!

गांव वालों के पास पहाड़ काटने के नाम पर बस साधारण छैनी और हथौड़े थे, साथ में दशरथ मांझी जैसी जिद्द. ऐसे में दिन-रात की हाड़-तोड़ मेहनत और जानलेवा खतरे के बीच इन लोगों ने पहाड़ की चट्टानों को हाथों से काटना शुरू किया. लगातार चार साल तक बिना रुके सिर्फ छैनी-हथौड़े चलाकर लैनिंग गांव के लोगों ने 1.2 किलोमीटर लंबी एक कच्ची सड़क की बुनियादी रूपरेखा तैयार कर ली.

इसके बाद साल 2016 में जाकर वहां के स्थानीय प्रशासन की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने इस इलाके से गरीबी दूर करने के मकसद से इस कच्चे रास्ते को पक्का और थोड़ा चौड़ा करने की मंजूरी दी. आज इस रास्ते को ‘लैनिंग क्लिफ रोड’ के नाम से जाना जाता है. यह सड़क इतनी संकरी और ढलान वाली है कि कुछ हिस्सों में इसकी ढलान 22.9% तक पहुंच जाती है, जहां गाड़ी चलाना मौत के कुएं में उतरने जैसा है. इस रास्ते पर जरा सी चूक का मतलब है सीधे हजारों फीट गहरी लैनिंग ग्रैंड खाड़ी में गिरना है.

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *