साइबर ठगी के ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क का बड़ा खुलासा : 23 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग । साइबर ठगी से अर्जित काली कमाई को ठिकाने लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए छावनी पुलिस ने 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम के लेनदेन में किया जाता था।

पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।


बैंक खाते बन गए थे साइबर ठगों का हथियार

पुलिस के अनुसार थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 की विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ कि कई लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था।

इन खातों के जरिए साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर जांच एजेंसियों से बचाने की कोशिश की जाती थी। ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।

तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क

विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों का विश्लेषण, मोबाइल डेटा, तकनीकी साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन की जांच की। इसके बाद 29 जून को एक साथ कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।

मोबाइल, एटीएम और बैंक दस्तावेज जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—

  • 11 मोबाइल फोन
  • 3 एटीएम कार्ड
  • 3 बैंक पासबुक
  • 3 आधार कार्ड
  • 3 चेकबुक
  • अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज

जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

कमीशन के लालच में फंसे आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मामूली कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर गिरोहों को उपलब्ध कराते थे। कई मामलों में खाताधारकों को यह जानकारी भी नहीं थी कि उनके खातों का उपयोग करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा है।

23 लोगों पर शिकंजा

गिरफ्तार आरोपियों में खुर्सीपार, छावनी, कैम्प-2, वैशाली नगर, सुपेला, स्मृति नगर, कोहका और भिलाई के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत कार्रवाई की है।

दुर्ग पुलिस की चेतावनी

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किराए पर या कमीशन के बदले न दें। ऐसा करने पर खाताधारक भी साइबर अपराध में सहआरोपी बन सकते हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

साइबर अपराधियों तक पहुंचने का नया रास्ता बंद

दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस का मानना है कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर कार्रवाई से साइबर अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

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