ऑस्ट्रेलिया की धरती सोने के लिए प्रसिद्ध रही है. 19वीं सदी में यहां गोल्ड रश ने हजारों लोगों को आकर्षित किया था. लेकिन आधुनिक समय में भी कभी-कभी ऐसी घटनाएं होती हैं जो कहानियों से कम नहीं लगती. केविन हिलियर की कहानी भी ऐसी ही है. एक साधारण सपने ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी.

1980 की बात है. केविन हिलियर ने एक रात सपना देखा. सपने में उन्हें एक बड़ा सोने का ढेला मिल रहा था. सपना इतना साफ था कि नींद टूटते ही उन्होंने कागज पर उसका स्केच बना लिया. उन्होंने अपने पड़ोसी को भी यह स्केच दिखाया और उस पर साइन करवा लिया. उस समय उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक अजीब सपना है. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.


12 दिन बाद हुआ चमत्कार

सपने के ठीक 12 दिन बाद केविन अपनी पत्नी बेप के साथ वेडरबर्न, विक्टोरिया के पास गोल्ड माइनिंग के लिए गए. वे दोनों खोज रहे थे. अचानक उन्हें एक बड़ा भारी टुकड़ा मिला. जब उन्होंने उसे साफ किया तो चौंक गए. यह 27 किलो वजन का विशाल सोने का नगेट था. इसका आकार हाथ जैसा था, इसलिए इसे ‘हैंड ऑफ फेथ’ (Hand of Faith) नाम दिया गया.

खोज का महत्व

यह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की सबसे यादगार गोल्ड डिस्कवरी में से एक है. नगेट की कीमत उस समय करोड़ों में आंकी गई. एक साधारण परिवार रातोंरात अमीर बन गया. बाद में इस नगेट को अमेरिका में लाखों डॉलर में बेचा गया. आज भी यह गोल्ड हिस्ट्री की सबसे चर्चित खोजों में शामिल है.

सपने और किस्मत का कनेक्शन

सबसे दिलचस्प बात यह है कि केविन का सपना और मिला नगेट लगभग एक जैसे थे. सपने में जो आकार उन्होंने देखा था, वही आकार नगेट का था. यह संयोग इतना परफेक्ट था कि लोग इसे भाग्य या इंट्यूशन मानने लगे. केविन ने खुद कहा था कि सपने ने उन्हें प्रेरित किया था.ऑस्ट्रेलिया का गोल्ड इतिहास ऑस्ट्रेलिया में 1850 के दशक में गोल्ड रश शुरू हुआ था. तब लाखों लोग यहां आए थे. आज भी छोटे-मोटे स्केल पर लोग गोल्ड हंटिंग करते हैं. ‘हैंड ऑफ फेथ’ जैसी खोजें दुर्लभ होती हैं.

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