बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सामने आए बहुचर्चित बाघ खाल तस्करी मामले में वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने पासेवाड़ा रेंज के रेंजर, डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।

अब तक 7 आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने जांच समिति का गठन किया है। जांच के दौरान संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अब तक इस मामले में करीब 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुरुवार को विभाग ने पासेवाड़ा रेंज के रेंजर, डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।


विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े इस संवेदनशील मामले में विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की नजर अब जांच के अंतिम निष्कर्ष और आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी हुई है।

यह है पूरी घटना-

3 जुलाई को सामने आए इस मामले में इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) के पासेवाड़ा कोर एरिया में दो बाघों के शिकार का खुलासा हुआ था। जिस कोर एरिया में बिना अनुमति प्रवेश तक संभव नहीं माना जाता, वहां शिकारियों का पहुंचकर दो बाघों का शिकार कर लेना वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह पहली घटना नहीं थी, जब इंद्रावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी, अवैध गतिविधियों और संरक्षण व्यवस्था को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। कई मामलों में जांच भी हुई, लेकिन इन घटनाओं से कितना सबक लिया गया, यह सवाल अब भी बना हुआ है। फिलहाल वन विभाग मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है।

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