



बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र में महिला का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल और प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 77, 79, 296, 351(3), आईटी एक्ट की धारा 66ई, 67, 67बी और एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हिसाब-किताब में बेईमानी के बाद विवाद
पुलिस के अनुसार, मस्तूरी क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका भाई हार्वेस्टर और ट्रैक्टर के जरिए एग्रीकल्चर ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है। व्यवसाय की देखरेख के लिए गांव के पीतांबर सिंह और अजय चौधरी को रखा गया था। आरोप है कि हिसाब-किताब में बेईमानी सामने आने के बाद दोनों को काम से हटा दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों नाराज थे।

घर पहुंचकर जातिगत गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, इसी विवाद को लेकर आरोपित 9 जुलाई की रात करीब 10 बजे पीड़ित के भाई के पास पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने जातिगत गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी से जुड़ा अश्लील वीडियो मोबाइल में दिखाया। आरोप है कि बाद में वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर महिला को अपमानित और प्रताड़ित किया गया।
साइबर सेल के साथ पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद मस्तूरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मस्तूरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अजय चौधरी (23), नरेश पटेल (24) और पीतांबर सिंह (38) को हिरासत में लिया। तीनों आरोपी खपरी लिमतरा के निवासी बताए गए हैं।
पूछताछ में वीडियो वायरल करने की बात स्वीकारने का दावा
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपियों ने अश्लील वीडियो वायरल करने की घटना स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर किस तरह प्रसारित किया गया और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
