



दुर्ग जिले में सेल्फ ड्राइव कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद नुकसान की भरपाई के नाम पर दो युवकों को कथित तौर पर जबरन उठाकर ले जाने और उनके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार मालिक पक्ष से जुड़े दो युवकों ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई स्कोडा रैपिड की मरम्मत के खर्च के नाम पर पीड़ितों से 2 लाख रुपये की मांग की।
रकम नहीं देने पर दोनों युवकों को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। मामले में पदमनाभपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर्मचारी नगर निवासी ऋषि बघेल उर्फ राज, उम्र 24 वर्ष और ग्राम फुलझर, थाना सोमनी, जिला राजनांदगांव निवासी प्रियांशु मंडल, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है।

दोनों को पुलिस ने 11 अगस्त को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें डिजायर क्रमांक CG 10 AX 3249, ऑडी क्रमांक CG 04 DQ 1000, स्कोडा रैपिड क्रमांक CG 13 U 2251 और एक्सयूवी-500 क्रमांक CG 12 C 3930 शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, जब्त वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है।
मामला करीब एक महीने पहले शुरू हुआ था। जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी नगर में सेल्फ ड्राइव टूर एंड ट्रैवल्स का संचालन करने वाले एक व्यक्ति से एक महिला के वयस्क बेटे और उसके कुछ दोस्तों ने कार किराए पर ली थी। इसी दौरान उनके पास मौजूद स्कोडा रैपिड दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
दुर्घटना के बाद कार को हुए नुकसान की भरपाई को लेकर वाहन किराए पर लेने वाले युवकों और कार मालिक पक्ष के बीच विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त को ऋषि बघेल उर्फ राज अपने साथी प्रियांशु मंडल के साथ एक्सयूवी-500 में सवार होकर बोरसी सोसायटी चौक स्थित महावीर ग्राउंड के पास पहुंचा। यहां संबंधित युवक मौजूद थे।
आरोप है कि दोनों युवकों ने वहां मौजूद दो युवकों को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद उन्हें अंजोरा की ओर ले जाया गया। बताया गया कि आरोपी दोनों युवकों को अंजोरा स्थित एक मार्ट के सामने लेकर पहुंचे। वहां स्कोडा रैपिड की मरम्मत के खर्च का हवाला देते हुए उनसे 2 लाख रुपये की मांग की गई। रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ।
शिकायत के अनुसार, पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटना के अगले दिन 7 अगस्त को एक महिला पदमनाभपुर थाने पहुंची और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की और आरोपियों की पहचान के लिए उपलब्ध जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 11 अगस्त को ऋषि बघेल उर्फ राज और प्रियांशु मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पूछताछ के साथ आरोपियों के कब्जे से चार वाहनों को भी जब्त किया। जब्त वाहनों में दुर्घटनाग्रस्त बताई जा रही स्कोडा रैपिड भी शामिल है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कार दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद किस तरह बढ़ा और आरोपियों ने युवकों को किस परिस्थिति में अपने साथ ले जाकर कथित तौर पर पैसे की मांग की।
पुलिस मारपीट और जबरन ले जाने के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटा रही है। सेल्फ ड्राइव वाहन किराए पर लेने के बाद दुर्घटना होने और नुकसान की भरपाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। घटनाक्रम से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे विवाद के कारणों की भी जांच की जा रही है।
