



दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना अप्रैल में सामने आई थी। यहां धनेश्वर साहू नाम के आरोपी ने पांच साल की मासूम से दुष्कर्म किया और फिर हत्या करने की नीयत से बच्ची के मुंह को तकिया कवर से बांधकर बोरी में भर कुएं के पास फेंक दिया था। इधर, जैसे ही यह घटना क्षेत्र में फैली तो लोगों में जमकर आक्रोश देखने को मिला।
बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए तत्काल आरोपी धनेश्वर साहू को गिरफ्तार किया। घटना के पांच माह के भीतर ही आवश्यक साक्ष्य संकलित कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध कर विभिन्न सजाओं से दंडित किया गया।

जानिए पूरा मामला
दरअसल, ये पूरा मामला थाना उतई क्षेत्र का है। 10 अप्रैल 2026 की दोपहर 12 बजे मोहल्ले में 5 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और आसपास के लोगों ने बच्ची की काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची कहीं नहीं मिली। परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत उतई थाने में भी दर्ज करवाई थी।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने शिकायत को गंभीरता से लिया और बच्ची की तलाश शुरू की। इसी बीच बच्ची मोहल्ले के एक खंडहर के पास स्थित कुंए के किनारे बोरी में बंद मिली। मासूम के पैर बाहर थे और मुंह तकिया के कवर से बंधा हुआ था।
बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल परीक्षण में बच्ची से दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और दुष्कर्म व हत्या की कोशिश करने वाले मोहल्ले के धनेश्वर साहू को पकड़ा गया।
धनेश्वर ने कबूल किया कि उसी ने ही घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि चाॅकलेट देने के बहाने बच्ची को अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद वो काफी डर गया और बच्ची के मुंह को तकिया कवर से बांधकर बोरी में भर कुएं के किनारे फेंक दिया था।
पुलिस की तेज कार्रवाई, आरोपी को मिली सजा
थाना उतई में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा जाँच पूर्ण कर 25 अप्रैल को अभियोग पत्र कोर्ट में पेश किया। न्यायिक अभिलेख के अनुसार प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अभियोजन किया गया।
विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग द्वारा 25 सितंबर को निर्णय पारित कर आरोपी को दोषसिद्ध किया गया। 26 सितंबर को सजा संबंधी आदेश पारित किया गया। न्यायालय द्वारा विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास, 7 वर्ष, 10 वर्ष एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजाएं तथा विभिन्न धाराओं में कुल 13,000 रुपये का अर्थदण्ड निर्धारित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी निर्धारित की गई।
आरोपी का नाम
1. धनेंश्वर साहू उर्फ जनता, उम्र 40 वर्ष, निवासी बंजारीपारा, उतई, थाना उतई, जिला दुर्ग।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहें। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध, शोषण अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पीड़ित बच्चे की पहचान एवं निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा प्रकरण से संबंधित संवेदनशील जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक न करें। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचित कर आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
