100 सालों तक छिपा था पूरा गांव, घरों की दीवार फाड़ उगे थे पेड़, कभी रहते थे 2 हजार लोग...

नॉर्थ वेल्स के कुछ अर्बन एक्सप्लोरर्स ने एक ऐसे गांव का पता लगाया है, जो आज से सौ साल पहले तक रहने लायक था. इस गांव में बाजार सजता था, लोग घूमते थे. लेकिन सौ साल पहले यहां के सभी लोग बाहर चले गए, जिसके बाद प्रकृति ने इसपर कब्ज़ा कर लिया. जंगल के बीच में मिले इस गांव ने लोगों को भी हैरान कर दिया है.

प्रकृति कितनी ताकतवर है, इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है उत्तर वेल्स का तालिसर्न गांव. यह गांव लगभग 100 साल तक नजरों से ओझल रहा था. जंगल ने इसे पूरी तरह निगल लिया. घरों की दीवारें टूट चुकी हैं, छतें ढह गई हैं और उनमें से बड़े-बड़े पेड़ निकलकर बाहर आ रहे हैं. अब अर्बन एक्सप्लोरर्स इस जगह को खोज रहे हैं और उनकी तस्वीरें देखकर लोग हैरान हैं.


तालिसर्न गांव Gwynedd के Nantlle Valley में स्थित था. 19वीं सदी में यहां स्लेट उद्योग बहुत तेजी से बढ़ रहा था. Dorothea Quarry नाम की बड़ी स्लेट खदान के आसपास यह गांव बसाया गया था. खदान में काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों के लिए यह जगह विकसित की गई थी. 1927 तक यहां करीब 2000 लोग रहते थे.

बाजार लगता था, स्कूल थे, घर थे और सामान्य जिंदगी चल रही थी. लेकिन जैसे-जैसे Dorothea Quarry का विस्तार होता गया, खदान गांव की तरफ बढ़ती चली गई. गहरी खुदाई के कारण सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया. खदान इतनी नजदीक आ गई कि घरों के नीचे तक खुदाई हो रही थी. अधिकारियों ने फैसला लिया कि पूरे गांव को नए स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा. इसके कारण 1927 में हजारों लोगों को जबरन दूसरी जगह बसाया गया.

छोड़ गए अपना घर

इसके कारण सभी लोगों ने पुराना गांव छोड़ दिया. समय के साथ जंगल ने इस गांव पर अपना कब्जा जमा लिया. पेड़-पौधे घरों के अंदर उग आए. दीवारों को फाड़कर जड़ें निकल आई. छतें ढह गईं और मॉस (काई) ने हर चीज को ढक लिया. आज यह जगह एक भुतहा गांव जैसी लगती है, जहां कभी जिंदगी थी, अब सिर्फ प्रकृति का राज है.

अर्बन एक्सप्लोरर्स का खुलासा

हाल ही में कुछ खोजियों ने इस जगह को खोज निकाला. उन्होंने वीडियो और फोटो शेयर किए तो सोशल मीडिया पर सनसनी फैल गई. तस्वीरों में दिख रहा है कि पुराने घरों के बीच से मोटे-मोटे पेड़ निकल रहे हैं. कमरे अब जंगल का हिस्सा बन चुके हैं. एक समय जहां बच्चे खेलते थे, वहां अब जंगली जानवर घूमते हैं. इस गांव की ऐसी स्थिति की मुख्य वजह बना स्लेट उद्योग का विस्तार.

19वीं सदी में वेल्स स्लेट का बड़ा उत्पादक था. Dorothea Quarry दुनिया की सबसे गहरी स्लेट खदानों में से एक थी. लेकिन उद्योग के विस्तार ने गांव को निगल लिया. नई जगह पर नया तालिसर्न बसाया गया, जो आज भी मौजूद है और करीब 2000 लोगों का घर है. पुराने गांव को पूरी तरह छोड़ दिया गया क्योंकि खदान का खतरा बना रहा. कुछ इमारतें जैसे Plas Talysarn (पुराना हॉल) भी अब खंडहर बन चुकी हैं.

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *