



आधुनिकता और विकास की दौड़ में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैदराबाद के बाहरी इलाके में बना देश का सबसे बड़ा इको-रिक्रिएशनल पार्क इन दिनों आम जनता और प्रकृति प्रेमियों के बीच भारी चर्चा का विषय बना हुआ है. लगभग 150 एकड़ में फैले इस एक्सपीरियम इको पार्क (Experium Eco Park) में एक ऐसी प्राकृतिक धरोहर है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुँच रहे हैं. यहाँ मौजूद है एक बेहद दुर्लभ और प्राचीन पेड़, जिसकी कीमत लगभग 85 लाख रुपये आंकी गई है.
इस विहंगम पार्क को यूनिक ट्रीज़ कंपनी के संस्थापक रामदेव राव ने अपने 25 वर्षों के कड़े परिश्रम, शोध और वृक्षों के प्रति अपने जुनून से तैयार किया है. उन्होंने दुनिया के 85 से अधिक देशों जैसे अर्जेंटीना, मेक्सिको, इटली और स्पेन से लगभग 25,000 दुर्लभ और प्राचीन प्रजातियों के पेड़-पौधों को विशेष कंटेनरों और विमानों के ज़रिए सुरक्षित तरीके से भारत लाकर यहाँ स्थापित किया है.

पार्क प्रबंधन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यहाँ सिर्फ यही एक पेड़ कीमती नहीं है बल्कि कई प्राचीन बोनसाई और ऐतिहासिक पेड़ों की व्यक्तिगत कीमत 1 लाख से शुरू होकर 3.5 करोड़ रुपए तक जाती है. “वर्तमान में सबसे ज़्यादा आकर्षण का केंद्र बना 85 लाख रुपये की कीमत वाला यह खास पेड़ अपनी अनूठी संरचना, सैकड़ों साल पुरानी उम्र और प्राचीन आर्बरिकल्चर कलाकृति का एक बेजोड़ नमूना है जो भारत में बेहद कम देखने को मिलता है.”
सिर्फ पेड़ ही नहीं, आकर्षणों का समंदर है यह पार्क
करीब 150 करोड़ रुपये की भारी लागत से बने इस वर्ल्ड-क्लास इको-पार्क में केवल महंगे पेड़ ही नहीं, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बेहतरीन आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किए गए हैं. इनमें प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:
- कृत्रिम बीच: 12 एकड़ में फैली भारत की पहली मानव-निर्मित कृत्रिम बीच.
- ग्लो गार्डन: रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता हुआ एक खूबसूरत ग्लो गार्डन.
- ज़िपलाइन: एडवेंचर के शौकीनों के लिए 1 किलोमीटर लंबी चार-दिशाओं वाली ज़िपलाइन.
- स्नो पार्क: बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए एक भव्य इनडोर स्नो पार्क.
यह पार्क न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बन चुका है, बल्कि देश में सस्टेनेबल और इको-लक्ज़री टूरिज्म का एक नया व प्रेरणादायक चेहरा बनकर उभरा है.
