भिलाई [न्यूज़ टी 20] जोधपुर के 4 बच्चों की 50 फीट गहरी पत्थर की खान में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चों में दो-दो सगे भाई थे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव बाहर निकाले। मामला जोधपुर के काली बेरी का सोमवार शाम का है।

बच्चों का परिवार पाक विस्थापित है। पुलिस ने बताया कि पाक विस्थापितों की बस्ती से रमेश भील का बेटा पूनमचंद(8) व युवराज(5) और गोविन्द भील का बेटा टीकम(12) व गोपाल(8) सोमवार दोपहर 2 बजे से गायब थे।


शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन बच्चों का कहीं पता नहीं चला। क्षेत्र में तीन-चार स्थान पर शादी थी। ऐसे में परिजन यह मानकर बैठ गए कि बच्चे क्षेत्र में किसी शादी समारोह में चले गए होंगे। अपने आप लौट आएंगे।

देर रात तक बच्चे नहीं लौटे तो घरवालों की चिंता बढ़ गई। मंगलवार सुबह को बच्चों के गायब होने की सूचना दी। पुलिस और घरवाले बच्चों काे ढूंढ ही रहे थे कि किसी व्यक्ति ने कालीबेरी क्षेत्र में पत्थर की खान में भरे पानी के ऊपर एक बच्चे का शव देखा।

आस-पास के लोग वहां पहुंचे। शव को बाहर निकाला तो उसकी पहचान रमेश के बेटे पूनमचंद के रूप में हुई। ऐसे में बच्चों के पानी में डूबने की आशंका में स्थानीय लोगों व गोताखोर की मदद से खान के पानी में तलाश शुरू की।

करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद तीन अन्य बच्चों के शव भी बाहर निकाले। पुलिस ने बताया कि तीनों के शव गहराई में फंस गए थे। इस घटना के बाद सीएम ने भी ट्वीट किया।

विस्थापितों की बस्ती में मचा कोहराम

कालीबेरी क्षेत्र में पाक विस्थापितों की बस्ती में करीब तीन सौ परिवार रहते हैं। बस्ती के चार बच्चों की एक साथ मौत होने की सूचना पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। विलाप करते परिजनों को बड़ी मुश्किल से लोगों ने संभाला।

रमेश का परिवार 1998 में जोधपुर आया था। उन्हें यहां की नागरिकता मिल चुकी थी। वहीं गोविंद भील का परिवार 2015 में जोधपुर आया था। उसे नागरिकता मिलना बाकी है।

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