भिलाई[न्यूज़ टी 20] गिरिडीह: अक्सर ऐसा होता कि शादी के सात फेरा लेने के बाद दुल्हन अपने दूल्हे के साथ ससुराल जाती है. दुल्हन के आने का दूल्हा के परिजनों के द्वारा बेसब्री से इंतजार किया जाता है. दुल्हन को लेकर जैसे ही दूल्हा घर पहुंचता है फिर वहां के माहौल का क्या कहना!

लेकिन, झारखंड के गिरिडीह जिले में एक ऐसी दुल्हन भी देखने को मिली जो शादी के सात फेरे लेने के बाद ससुराल नहीं जाकर दूल्हा के साथ सीधा परीक्षा केंद्र पहुंच गयी और 11वीं की परीक्षा देने लगी. इसके बाद दूल्हा के साथ दुल्हन ससुराल के लिए रवाना हुई.


दुल्हन के जोड़े में परीक्षा दे रही इस परीक्षार्थी को देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान था. दरअसल मंगलवार को गिरिडीह के बगोदर में यह फिल्मी कहानी जैसा मामला सामने आया. अब इस कहानी की चर्चा आसपास के इलाके में खूब होने लगी है.

दरअसल बगोदर प्रखंड के मूंडरूयो पंचायत के बिहारो निवासी सुनील मंडल की बेटी शीतल कुमारी की शादी मंगलवार को कोडरमा जिले के तिलैया निवासी कैलाश साव के पुत्र सपन कुमार के साथ शादी हुई, दोपहर 12:00 बजे करीब विवाह हुआ.

वहीं शीतल कुमारी का मंगलवार दोपहर 2:00 बजे से एग्जाम था. ऐसे में सात फेरे लेने के बाद शीतल कुमारी अन्य रस्मों को अधूरा छोड़ कर एग्जाम देने बगोदरा स्थित गर्ल्स हाई स्कूल पहुंची. परीक्षा के बाद अन्य रस्मों को पूरा किया, जिसके बाद दुल्हन अपने ससुराल की ओर रवाना हुई.

इलाके के लोग कर रहे हैं शीतल की तारीफ 

यह घटना पूरे जिले भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. लोग शीतल के कदम की खूब तारीफ कर रहे हैं और प्रेरणा स्रोत कदम भी बता रहे हैं, क्योंकि अमूमन शादी के बाद गांव देहात में लड़कियों को पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता है.

लेकिन, यहां पर लड़की ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी शादी की रस्म को अधूरा छोड़कर एग्जाम सेंटर गई और दुल्हन के ड्रेस में एग्जाम देने के बाद फिर घर लौट कर छूटे हुए रस्मों को पूरा किया, जिसके बाद जाकर विवाह पूर्ण हुआ और अपने दूल्हे राजा के साथ ससुराल रवाना हुई.

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