



World’s Most Poisonous Tree: प्रकृति को जीवन का आधार माना जाता है. पेड़-पौधे हमें ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं. आमतौर पर पेड़ों को जीवनदायी माना जाता है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे पेड़ भी मौजूद हैं जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसा ही एक पेड़ है Manchineel Tree, जिसे दुनिया के सबसे जहरीले पेड़ों में गिना जाता है.
इसका फल देखने में बिल्कुल छोटे सेब जैसा लगता है, लेकिन इसी कारण इसे “डेथ एप्पल (Death Apple)” भी कहा जाता है. यह पेड़ मुख्य रूप से कैरेबियाई द्वीपों, फ्लोरिडा के कुछ तटीय क्षेत्रों, मध्य अमेरिका और उत्तरी दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाया जाता है. अपनी जहरीली प्रकृति के कारण यह लंबे समय से वैज्ञानिकों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण और सावधानी का विषय बना हुआ है.

हर हिस्सा है जहरीला
इस पेड़ की सबसे खतरनाक बात केवल इसका फल नहीं, बल्कि इसका दूधिया रस (Sap) भी है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस रस में ऐसे विषैले रसायन होते हैं जो त्वचा के संपर्क में आने पर तेज जलन, लालिमा और फफोले पैदा कर सकते हैं. यदि यह रस आंखों में चला जाए तो गंभीर तकलीफ हो सकती है.
यही कारण है कि इस पेड़ को छूने से भी बचने की सलाह दी जाती है. इतना ही नहीं, बारिश के दौरान भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. यदि बारिश का पानी इस पेड़ की पत्तियों और शाखाओं से होकर नीचे टपकता है, तो उसमें मौजूद विषैले तत्व त्वचा के संपर्क में आ सकते हैं.
इसी वजह से विशेषज्ञ इस पेड़ के नीचे बारिश से बचने के लिए खड़े होने की सलाह नहीं देते. हालांकि सामान्य रूप से केवल इसकी छाया में खड़े होने से नुकसान होने का दावा वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है; जोखिम मुख्यतः इसके विषैले रस के संपर्क से जुड़ा होता है.
लगते हैं मौत वाले सेब
इस पेड़ का फल आकार और रंग में छोटे हरे सेब जैसा दिखाई देता है. देखने में यह काफी आकर्षक लगता है, लेकिन इसे खाना बेहद खतरनाक हो सकता है. इसी कारण इसे “डेथ एप्पल” कहा जाता है. ऐतिहासिक विवरणों में उल्लेख मिलता है कि इस फल का सेवन करने से गंभीर जलन, उल्टी, पेट दर्द और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
दुनिया के कई पर्यटन स्थलों पर जहां यह पेड़ पाया जाता है, वहां इसके पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं. इन बोर्डों पर साफ लिखा होता है कि पेड़ को ना छुएं, इसके फल ना तोड़ें और ना ही उनका सेवन करें. कुछ स्थानों पर पेड़ के तने पर लाल रंग का निशान भी बनाया जाता है ताकि पर्यटक इसे आसानी से पहचान सकें.
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पेड़ का खतरा केवल फल या रस तक सीमित नहीं है. यदि इसकी लकड़ी को जलाया जाए तो निकलने वाला धुआं भी आंखों और श्वसन तंत्र में जलन पैदा कर सकता है. इसलिए इसकी लकड़ी को काटने या जलाने का काम भी अत्यधिक सावधानी के साथ किया जाता है.
