



अमेरिका के गांवों में रहने वाले लोग अकेलेपन से जूझते हैं. पड़ोसियों से अनजान रहते हैं, फास्ट लाइफ, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड और पश्चिमी लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं. ऐसे में वो भारतीय गांवों की जीवनशैली के मुताबिक जीवन जीना चाहते हैं. अमेरिका में इसी संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए वैदिक विलेज बनाया जा रहा है.
यह वैदिक विलेज अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के विंस्टन स्लेम शहर में बनाया जाना है. 215 एकड़ की सोसायटी होगी जिसमें 180 घर होंगे. गांव के बीच में एक मंदिर होगा. मंदिर की आरती-शंख और घंटियों की ध्वनि से सुबह की शुरुआत होगी.

अमेरिका में यह वैदिक विलेज भारतीय मूल के उद्योगपति प्रकाश बुचीरेड्डी बसा रहे हैं. बुचीरेड्डी तेलंगाना की प्रकृति की गोद में पले-बढ़े हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी लाइफ स्टाइल को छोड़कर वो भारतीय गांवों के जैसा सुकून खोजना चाहते हैं. यह वैदिक विलेज 2028 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा.
सोसायटी की इमारतों के नाम संस्कृत में
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि 215 एकड़ में बस रही सोसायटी की इमारतों के नाम संस्कृत भाषा से लिए गए हैं. 110 घर तो मार्च 2026 में ही बुक हो गए थे. हर घर के सामने खेत होगा. हरियाली, खेती और मनोरंजन के साधन मौजूद होंगे. नॉर्थ कैरोलिना के विंस्टन स्लेम में बस रही सोसयटी का पूर प्रोजेक्ट करीब 717 करोड़ रुपये का है.
जॉर्जिया में बसेगा ‘वृंदावनम’
नॉर्थ कैरोलिना के विंस्टन स्लेम शहर में वैदिक विलेज का प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अब जॉर्जिया में वृंदावनम और टेनेसी में ‘वानप्रस्थ’ जैसे गांव बसाए जाने है. वानप्रस्थ गांव रिटायर्ड लोगों के लिए होगा. भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही इसे बसाया जाएगा.
इन वैदिक विलेज में लोग जमीनें खरीद रहे हैं. इन गांवों में अमेरिका के गांवों की सुविधाएं तो होंगी लेकिन ये भारतीयता का अहसास कराएंगे. फास्ट फूड इन वैदिक गांवों में बैन होंगे. लोग मंदिरों में पूजा-पाठ करेंगे. आते-जाते लोगों से मेल-मुलाकात करेंगे. साथ में बैठकर चाय पीएंगे. अकेलापन कोसों दूर भागेगा.
