



दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जहां लोगों की जिंदगी आम शहरों और गांवों से बिल्कुल अलग है. ऐसी ही एक अनोखी जगह इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत के घने जंगलों में देखने को मिलती है. यहां कोरवाई जनजाति के लोग ऊंचे पेड़ों पर घर बनाकर रहने के लिए जाने जाते हैं. इन ट्री हाउस को देखकर किसी को भी हैरानी हो सकती है.
कोरवाई समुदाय के पेड़ों पर बने घर जमीन से काफी ऊंचाई पर होते हैं. कई घर करीब 10 से 50 मीटर तक की ऊंचाई पर बनाए जाते हैं. घने जंगल के बीच ऊंचे पेड़ों पर बने ये घर दूर से देखने पर किसी अनोखी दुनिया का हिस्सा लगते हैं. घर तक पहुंचने के लिए पेड़ के तने या लकड़ी से बनाई गई सीढ़ियों का इस्तेमाल किया जाता है.

लकड़ी और प्राकृतिक चीजों से तैयार होते हैं घर
इन ट्री हाउस को बनाने में आसपास के जंगलों से मिलने वाली प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. लकड़ी, पत्तियों और पेड़ की अन्य सामग्री की मदद से घर तैयार किए जाते हैं. सीमित साधनों के बावजूद इन घरों को इस तरह बनाया जाता है कि लोग उनमें रह सकें और रोजमर्रा की जिंदगी गुजार सकें.
आखिर पेड़ों पर ही क्यों रहते हैं लोग?
पेड़ों पर घर बनाने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं. घने जंगलों में जमीन से ऊपर रहना जंगली जानवरों और दूसरी परेशानियों से बचाव का एक तरीका माना जाता है. इसके अलावा ऊंचाई पर बने घर आसपास के इलाके पर नजर रखने में भी मदद करते हैं.
हालांकि, कोरवाई समुदाय के जीवन और उनके घरों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण मिलते हैं. यह खबर भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध वायरल जानकारी पर आधारित है. न्यूज18 इस वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है.
जंगल ही है इनकी जिंदगी का हिस्सा
कोरवाई जनजाति का जीवन जंगल और प्राकृतिक वातावरण से गहराई से जुड़ा रहा है. भोजन, घर बनाने की सामग्री और रोजमर्रा की कई जरूरतों के लिए समुदाय पारंपरिक रूप से आसपास के प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहा है. आधुनिक दुनिया से अलग उनकी जीवनशैली लोगों के लिए हमेशा आकर्षण का विषय रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं ट्री हाउस
पेड़ों की ऊंचाई पर बने इन घरों की तस्वीरें और वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचते हैं. कोरवाई समुदाय की यह पारंपरिक जीवनशैली दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों और रहन-सहन की विविधता की एक दिलचस्प झलक देती है.
