



Snake Fossils: सोचिए, करीब 3.8 करोड़ साल पहले के चार सांप एक ही जगह दबे रह गए और इतने लंबे वक्त बाद उनके कंकाल वैज्ञानिकों के हाथ लगे. अमेरिका के व्योमिंग में मिले इन दुर्लभ अवशेषों ने सांपों की पुरानी दुनिया को समझने का एक नया रास्ता खोल दिया है. वैज्ञानिकों ने इन अवशेषों की जांच के बाद एक नई प्रजाति Hibernophis breithaupti की पहचान की है.
इसके करीब चार लगभग पूरे कंकाल मिले हैं. इनमें से तीन सांप एक साथ, बिल जैसी संरचना में दबे हुए थे, जबकि चौथा सांप उसी चट्टानी परत में थोड़ी अलग जगह से मिला. अब सवाल उठता है कि ये सांप एक साथ वहां पहुंचे कैसे? यही इस खोज को खास बनाता है.

जमीन से निकला करोड़ों साल पुराना राज
ये फॉसिल अमेरिका के Wyoming स्थित White River Formation की चट्टानों से मिले हैं. इनकी उम्र शुरुआती Oligocene काल की बताई गई है, यानी ये 3 करोड़ साल से भी ज्यादा पुराने. भूगर्भीय साक्ष्यों के आधार पर इस क्षेत्र की चट्टानों की न्यूनतम उम्र करीब 32 मिलियन साल आंकी गई है. जीवाश्म जिस बारीक रेतीली मिट्टी वाली चट्टान में मिले, उसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी छोटी बाढ़ के दौरान जमा हुई होगी. मिट्टी, पानी और ज्वालामुखीय राख से जुड़े इस वातावरण ने सांपों के अवशेषों को असाधारण तरीके से सुरक्षित रखने में मदद की.
एक नहीं, तीन सांप एक साथ मिले
इस खोज की सबसे खास बात यह है कि तीन सांप एक ही जगह पर साथ-साथ मिले. वैज्ञानिकों को ये तीनों सांप चट्टान के दो ऐसे हिस्सों में मिले, जो आपस में जुड़े हुए थे. यानी ऐसा लग रहा था जैसे ये किसी एक जगह पर साथ मौजूद थे और फिर उसी दौरान मिट्टी और चट्टान के नीचे दब गए. पहली नजर में चट्टान के ऊपर सिर्फ दो सांपों के कंकाल दिखाई दे रहे थे.
लेकिन जब वैज्ञानिकों ने इसका CT स्कैन किया, तो चट्टान के अंदर छिपा तीसरा सांप भी सामने आ गया. वहीं, चौथा सांप इसी इलाके की दूसरी जगह से मिला. मजेदार बात यह है कि इन सांपों का यह अजीब तरीके से एक साथ मिलना नया नहीं था. वैज्ञानिकों की नजर इन पर करीब 40 साल पहले, 1986 में ही पड़ गई थी.
उस समय Brent H. Breithaupt और David Duvall ने अनुमान लगाया था कि शायद ये सांप ठंड से बचने के लिए किसी साझा बिल या आश्रय में एक साथ जमा हुए थे. इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइबरनेकुलम कहा जाता है. अब नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इन कंकालों की हड्डियों और शरीर की बनावट को बारीकी से जांचा. इसके बाद पता चला कि ये पहले से पहचानी गई किसी प्रजाति के सांप नहीं, बल्कि एक नई प्रजाति के सदस्य थे.
वैज्ञानिकों ने दिया नया नाम
रिसर्चर्स ने इस प्राचीन सांप को Hibernophis breithaupti नाम दिया है. इसके नाम में ‘hibernare’ यानी सर्दियों में रहना और ग्रीक शब्द ‘ophis’ यानी सांप शामिल है. रिसर्च के मुताबिक इसकी खोपड़ी और रीढ़ की हड्डियों की बनावट पहले से पहचाने गए कुछ जीवाश्म सांपों से अलग है. इसी आधार पर इसे एक अलग प्रजाति माना गया है.
क्या ये सांप सच में साथ रहते थे?
तीन सांपों का एक साथ और बिल जैसी जगह में मिलना देखकर वैज्ञानिकों को लगता है कि शायद ये ठंड से बचने के लिए किसी साझा ठिकाने में रहते थे. आज भी सांपों की कुछ प्रजातियां ठंड के मौसम में एक साथ बिलों या सुरक्षित जगहों पर जमा होती हैं. लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है.
करोड़ों साल पुराने कंकालों को देखकर यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ये सांप साथ में हाइबरनेट ही कर रहे थे. हो सकता है कि किसी दूसरी वजह से तीनों एक ही जगह पर पहुंचे हों और बाद में वहीं दब गए हों. इसलिए वैज्ञानिक इसे संभावित communal sheltering behaviour का संकेत मानते हैं, पक्के सबूत के तौर पर नहीं.
