



भिलाई। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रखर करीब ढाई महीने से फरार बताया जा रहा था। पुलिस ने उसे उसके साथी सुधांशु उर्फ बॉम्सी के साथ प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमले के मामले में पकड़ा है।
इस मामले में पुलिस ने अब चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रखर का नाम महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में भी सामने आया था। उसके बैंक खातों से 60 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिलने की बात पुलिस ने कही है।

2 जुलाई की रात प्रॉपर्टी डीलर पर हमला
मामला 2 जुलाई की रात का है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-6 डीपीएस चौक के पास प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी पर बाइक सवार आरोपियों ने हमला किया था। बताया गया कि हमलावरों ने पहले बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया, जिससे योगेश सड़क पर गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने बेसबॉल बैट, चाकू और अन्य धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। हमले में उनकी गर्दन और पैर पर चोटें आई थीं। पुलिस ने मामले को पुरानी रंजिश से जोड़कर जांच शुरू की थी।
पहले दो आरोपी गिरफ्तार, अब मुख्य आरोपी भी पकड़ाए
घटना के बाद भिलाई नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमन मूर्ति और हरीश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं मुख्य आरोपी बताए जा रहे प्रखर चंद्राकर और उसके साथी सुधांशु की तलाश जारी थी। करीब ढाई महीने बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और बाइक भी जब्त की है।
प्रखर पर पहले से दर्ज हैं 12 मामले
पुलिस के अनुसार, प्रखर चंद्राकर का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ रायपुर क्लब विवाद और कथित अवैध सट्टेबाजी से जुड़े वित्तीय लेनदेन के मामले भी रहे हैं। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का रिश्तेदार होने के कारण भी प्रखर का नाम पहले से जांच के दायरे में रहा है।
60 लाख से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन के सुराग
पुलिस ने बताया कि प्रखर के बैंक खातों की जांच के दौरान 60 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले थे। बैंक खातों के कथित दुरुपयोग और महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े वित्तीय कनेक्शन की भी जांच की गई थी। फिलहाल प्रॉपर्टी डीलर पर हमले के मामले में पुलिस ने सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
