बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक जघन्य अपराध सामने आया है। चंदनू थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय दुकलिहिन बाई बंजारे की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गांव के ही 42 वर्षीय रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली ने पहले महिला की निर्मम हत्या की, फिर शव के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव के हाथ-पैर काटकर अलग-अलग गठरियों में बांधकर शिवनाथ नदी में फेंक दिया।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी हत्या के एक मामले में सजा काट चुका है। बेमेतरा पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रामप्रसाद सोनवानी और मृतका एक ही गांव के रहने वाले थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और महिला के बीच पुरानी रंजिश थी।


इसी रंजिश के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि घटना के दौरान उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास भी किया था। महिला के विरोध करने पर आरोपी ने फावड़े के बेंट से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक यह पूरी वारदात 6 जुलाई की रात लगभग 10 बजे की है। उस समय दुकलिहिन बाई अपने घर में अकेली थीं।

आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उनके घर पहुंचा और महिला के साथ जबरदस्ती करने लगा। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने हिंसक रूप अपनाते हुए फावड़े के बेंट से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सबसे भयावह खुलासा यह हुआ कि हत्या के बाद भी आरोपी का अपराध यहीं नहीं रुका।

पुलिस के अनुसार उसने मृतका के शव के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने घर में रखी लकड़ी काटने वाली आरी से शव के दोनों हाथ और दोनों पैर काट दिए ताकि मृतका की पहचान आसानी से न हो सके और पुलिस को जांच में भ्रमित किया जा सके। आरोपी ने शव के अलग-अलग हिस्सों को दो गठरियों में बांधा और उन्हें अपनी झोपड़ी में छिपाकर रखा।

अगले दिन रात के अंधेरे में वह इन गठरियों को लेकर शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचा और नदी में फेंक दिया। उसका मकसद था कि पानी में बह जाने से शव पूरी तरह नष्ट हो जाएगा और पुलिस कभी भी इस अपराध तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन आरोपी की यह योजना सफल नहीं हो सकी। इधर घटना के बाद जब दुकलिहिन बाई घर से नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो चंदनू थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी महिला की तलाश शुरू कर दी, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सुराग नहीं मिला। 9 जुलाई को मामले ने नया मोड़ लिया। मृतका के बेटे गोवर्धन बंजारे को ग्राम तुमा के पास अमरैया नाला और शिवनाथ नदी किनारे पानी में साड़ी में बंधी एक संदिग्ध गठरी दिखाई दी।

जब उसने गठरी खोली तो उसमें अपनी मां का धड़ देखकर उसके होश उड़ गए। कुछ दूरी पर दूसरी गठरी मिली, जिसमें कटे हुए दोनों हाथ और दोनों पैर थे। शव काफी सड़-गल चुका था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया और वैज्ञानिक तथा पारंपरिक दोनों तरह की जांच शुरू की। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया। शिवनाथ नदी और आसपास के इलाके में ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। नावों और सर्च लाइट की मदद से नदी और उसके किनारों की गहन तलाशी ली गई।

डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। तकनीकी विश्लेषण, परिस्थितिजन्य प्रमाण और गांव के लोगों से लगातार पूछताछ के दौरान पुलिस का शक गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी पर गहराता गया। जब पुलिस ने रामप्रसाद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका।

पूछताछ के दौरान उसने पूरे अपराध की कहानी विस्तार से बता दी। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी काटने वाली आरी, फावड़ा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए 500 रुपये भी बरामद किए, जबकि उसने स्वीकार किया कि महिला के झोले से निकाले गए 2500 रुपये में से 2000 रुपये वह खर्च कर चुका है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद मृतका के घर में रखे झोले से नकदी भी चुरा ली थी। यह भी जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे केवल पुरानी रंजिश ही नहीं बल्कि आरोपी की आपराधिक मानसिकता भी प्रमुख कारण रही। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रामप्रसाद सोनवानी का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है। वर्ष 2017 में भी वह गांव की एक महिला की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था और सजा काट चुका है। उसके खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद वह दोबारा इतनी वीभत्स वारदात को अंजाम देने में सफल हो गया।

इस तथ्य ने पुलिस और प्रशासन दोनों के सामने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि गंभीर अपराधों में सजा काट चुके अपराधियों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

जांच और आरोपी के खुलासे के बाद मामले में धारा 305(क) और 331(8) भी जोड़ी गई हैं। आरोपी को 17 जुलाई को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस जघन्य वारदात ने पूरे बेमेतरा जिले को झकझोर दिया है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और लोग आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वहीं पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी ताकि अदालत में उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। यह मामला न केवल एक निर्मम हत्या बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाले अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *