


एमसीबी। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब सहायक शिक्षक को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लगातार अनुपस्थित रहने और पहले भेजे गए नोटिसों का जवाब न देने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षक को 15 दिनों के भीतर उपस्थित होकर जवाब देने का अंतिम अवसर दिया गया है, ऐसा न करने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
सितंबर 2024 से लगातार गायब हैं शिक्षक
यह मामला प्राथमिक शाला रामानुजनगर में पदस्थ सहायक शिक्षक नीतेश कुमार पाण्डे का है। वे 20 सितंबर 2024 से लगातार अपने कार्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं। इस दौरान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय द्वारा उनके निवास पते पर पंजीकृत डाक के माध्यम से कई कारण बताओ पत्र भेजे गए, लेकिन शिक्षक की ओर से कोई जवाब नहीं आया।

सेवाकाल और नियमों का उल्लंघन
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, शिक्षक नीतेश कुमार पाण्डे की नियुक्ति के बाद से गणना की जाए तो अभी तक उनकी परिवीक्षा अवधि (Probation Period) भी पूरी नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहना सेवा में बने रहने के लिए वैधानिक नहीं है। निर्धारित समय में जवाब न देना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है ।
15 दिनों का अंतिम अवसर
प्रशासन ने शिक्षक को 15 दिन के भीतर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में उपस्थित होकर अपना समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है । यदि तय समय में जवाब नहीं मिलता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वे शासकीय सेवा के इच्छुक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में शासन के नियमों के तहत उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में संकुल प्राचार्य और संकुल शैक्षिक समन्वयक पसौरी को भी निर्देशित किया गया है कि यदि शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने आते हैं, तो जिला कार्यालय की अनुमति के बाद ही उन्हें जॉइनिंग दी जाए
