सारंगढ़-बिलाईगढ़। धान खरीदी में बड़े फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सरिया पुलिस ने साल्हेओना उपार्जन केंद्र के समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोप है कि बिना धान की वास्तविक आवक के ही ऑनलाइन एंट्री कर करीब 99.12 लाख रुपये का गबन किया गया।

मामले में सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 316(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 15 नवंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 3140.80 क्विंटल धान की फर्जी खरीदी दर्शाई गई।


भौतिक सत्यापन में धान और जूट बारदाने सहित कुल 99,12,411 रुपये की कमी पाई गई। आरोपियों ने किसानों के नाम पर फर्जी टोकन जारी कर बायोमैट्रिक और आइरिस स्कैनर के जरिए ऑनलाइन एंट्री कर रकम का गबन किया।

चौंकाने वाली बात यह है कि समिति प्रबंधक पर पहले भी गबन के आरोप लग चुके थे और उन्हें हटाया गया था। इसके बावजूद दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है? अब स्थानीय लोगों की मांग है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

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