बिलासपुर। रिश्वत मांगने के आरोप में सरकंडा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक शोभित केवर्त को निलंबित कर दिया गया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने एसएसपी रजनेश सिंह ने कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक पर एक प्रकरण में आरोपियों को छोड़ने के एवज में रिश्वत मांग रहा था।

पीड़ित परिजन प्रधान आरक्षक को रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बातचीत के दौरान अपने मोबाइल से इस पूरी काली करतूत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे इंटरनेट पर वायरल कर दिया। वीडियो के सामने आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और आरोपी प्रधान आरक्षक शोभित कैवर्त्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


SSP ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना ने शहर के थानों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि आम जनता के बीच यह शिकायतें अब आम हो चुकी है कि थानों में अपराधियों को छोड़ने, मुचलके पर रिहा करने और कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर पीड़ितों को परेशान कर अवैध वसूली की जा रही है।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस ‘वसूली और सेटिंग’ के खेल को अंजाम देने के लिए थानों में बकायदा कुछ विशेष सिपाहियों को लगाया गया है, जिनसे थाने का कोई भी अन्य शासकीय काम न लेकर उन्हें सिर्फ और सिर्फ लेन-देन के काम में ही व्यस्त रखा जाता है, जिसके चलते अब इस पूरे सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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