



भिलाई-दुर्ग। बैंकों में सप्ताह में पांच दिन काम (5 Days Banking) लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर 12 अगस्त को भिलाई-दुर्ग में 150 से अधिक बैंक अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय समय समाप्त होने के बाद प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से लंबे समय से लंबित 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू करने की मांग की।

5 Days Banking की मांग आखिर क्यों?
बैंक कर्मचारियों के मुताबिक मार्च 2024 में IBA और बैंक यूनियनों के बीच हुए वेतन पुनरीक्षण समझौते में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी।
प्रस्ताव के मुताबिक शनिवार को बैंक बंद रखने के बदले अन्य कार्यदिवसों में प्रतिदिन करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे कर्मचारियों के अनुसार ग्राहकों के बैंकिंग समय में बड़ी कटौती नहीं होगी।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि IBA से स्वीकृत प्रस्ताव करीब दो वर्षों से वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
बैंक कर्मचारियों ने गिनाईं अपनी प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 5 Days Banking को सिर्फ छुट्टी की मांग नहीं बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़ा मुद्दा बताया।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी विभागों, आरबीआई, एलआईसी और कई कॉर्पोरेट संस्थानों में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
स्टाफ की कमी और बढ़ते वर्कलोड का मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में स्टाफ की कमी और बढ़ते काम के दबाव का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते डिजिटल और बैंकिंग कार्यों के बीच काम का दबाव बढ़ रहा है।
उनका तर्क है कि सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिल सकता है और इससे कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
9 बैंक यूनियनों का संयुक्त प्रदर्शन
भिलाई-दुर्ग में हुए प्रदर्शन में UFBU से संबद्ध विभिन्न बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि और कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की।
“United We Stand, United We Fight, United We Win” जैसे नारों के साथ कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।
महिला बैंककर्मियों की भी बड़ी भागीदारी
प्रदर्शन में महिला बैंक कर्मचारियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिला कर्मचारियों ने 5 Days Banking के प्रस्ताव में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की।
मांग पूरी नहीं हुई तो देशव्यापी हड़ताल की तैयारी
प्रदर्शन के दौरान भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के प्रतिनिधि विनीत नायर और यूनियन संयोजकों ने केंद्र सरकार एवं IBA को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार यदि 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो UFBU की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
बैंक कर्मचारियों की मांग पर अब सरकार के फैसले का इंतजार
भिलाई-दुर्ग में हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर 5 Days Banking की मांग को चर्चा में ला दिया है। बैंक कर्मचारी संगठन अब केंद्र सरकार और IBA के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। यदि मांग पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक होने के संकेत दिए गए हैं।
