रायगढ़ से श्याम भोजवानी 

घरघोड़ा। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घरघोड़ा का एक वर्ष सफलता के नये आयम तक पहुंचती हुई नजर आने के बाद कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा व ज़िला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन पर घरघोड़ा में राज्य सरकार द्वारा तीन स्वामी आत्मानंद उच्च श्रेणी के विद्यालय की स्वीकृति प्रदान किया है, जिसमें कन्या शाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घरघोड़ा, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छर्राटांगर, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायकेरा को अपग्रेड कर हाईप्रोफाइल सिस्टम से लैस स्वामी आत्मानंद विद्यालय के नाम से संचालित किया जायेगा, जिसमें अंग्रेजी माध्यम के दर्ज पर हिंदी व वैकल्पिक अंग्रेजी के साथ गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त होगी इस तरह से कार्ययोजना तैयार किया गया है।


भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम के समय जनता द्वारा हिन्दी माध्यम की मांग किया गया था

रायगढ़ घरघोड़ा धरमजयगढ लैलूंगा की जनता ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम में हिंदी विषय के अभिभावकों द्वारा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रशंसा कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया साथ ही ऐसे बच्चों की चिंता करने का आग्रह किया जो हिंदी माध्यम में पढ़ रहे हैं, इस विषय को तत्काल मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और मंच से घोषणा कर अगले बजट सत्र में जोड़ने की बात कही इसी का परिणाम है घरघोड़ा में एक साथ तीन स्वामी आत्मानंद विद्यालय की सौगात मिली है।

{ कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी बी. बाखला एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के.पी.पटेल की आमजन कर रही सराहना। }

{ गौरतलब है कि रायगढ़ जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ापन देखने को मिलता है, जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विकास खंड शिक्षा केपी पटेल द्वारा इस दिशा में कार्य कर उन क्षेत्रों के विद्यालय को चयन किया जहां वनांचल के बच्चे भी आसानी से पहुंच जायें और विद्यालय परिसर में सर्व सुविधायुक्त पढ़ाई का माहौल स्थापित किया जा सके, भविष्य में इन विद्यालयों में होस्टल लैब प्रेक्टिस, प्रेक्टिकल कक्ष, खेल मैदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम हाल, जैसे सुविधा का विस्तार हो तो प्रयाप्त स्थान रहेगा, इस महत्वाकांक्षी योजना पर शिक्षा विभाग गुणवत्ता मानकों पर कार्य कर रही है। }

वनांचल आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र घरघोड़ा होने से हर विद्यालय में सत्तर से अस्सी फीसदी आदिवासी वर्ग से आने वाले विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं, छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर लगातार नीचे की ओर जाने के कारण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अन्य राज्यों के शिक्षा प्रणाली के अध्ययन के बाद उच्च स्तरीय विद्यालय खोलने की योजना बनाई जिसका आरंभ 2018-19 को किया गया था परन्तु कोरोना महामारी के कारण पुर्ण रूप से 2019-20 में क्रियान्वयन हो सका वर्तमान में सरकार की शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य में सबसे अधिक चर्चित व सफलता वाला योजना सिद्ध हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में आरंभ में लगभग हर ब्लॉक में एक स्वामी आत्मानंद विद्यालय थी वह इस सत्र में ब्लॉक में आवश्यकता अनुसार संख्या बढ़ रही है, इस सत्र के अंतिम में स्वामी आत्मानंद विद्यालय की कितनी स्थापना हुई है पुर्ण रूप से जानकारी मिल सकती है।

लाजमी है यह योजना दिल्ली सरकार से बढ़ा और अधिक महत्वाकांक्षी योजना है, छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ वनांचल क्षेत्र है जहां सरकारी योजनाओं का लाभ वहां के निवासियों को बहुत कम ही मिल पाती है, स्वामी आत्मानंद विद्यालय से पढ़ाई कर उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थान में अच्छी जगह प्रवेश हासिल होगी, यह ऐतिहासिक फैसला है जो वनांचल के बच्चों को छोटे जगह से बाहर निकल कर वर्तमान दुनिया की जीवनशैली में अपने आपको स्थापित कर परिवार समाज को नई दिशा देंगे।

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