यहां मिला मछलियों का गुप्त शहर, लोगों से छिपाकर था बसाया, देखते ही उड़ गए वैज्ञानिकों के होश!

अंटार्कटिका हमेशा से रहस्यों से भरा रहा है. बर्फ की मोटी परत के नीचे क्या छिपा है, इसकी चर्चा सदियों से होती रही है. अब वैज्ञानिकों को एक ऐसी खोज मिली है जिसने सबको स्तब्ध कर दिया है.

यहां बर्फ के नीचे मछलियों का एक पूरा ‘गुप्त शहर’ मिला है. यह खोज एक प्रसिद्ध जहाज के मलबे की तलाश के दौरान हुई, लेकिन वैज्ञानिकों को इससे कहीं ज्यादा मिला. अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे हजारों छोटी पोलर मछलियों ने घोंसले बनाए मिली. ये किसी सीक्रेट शहर जैसा था.

बेहद सुन्दर था शहर

ये घोंसले इतने व्यवस्थित और सुनियोजित हैं कि लगता है जैसे कोई प्लान्ड कॉलोनी या शहर हो. प्रत्येक घोंसला छोटे-छोटे पत्थरों और बर्फ से बना है, जहां मछलियां अपने अंडे सुरक्षित रखती है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये घोंसले लाखों साल पुराने हैं और मछलियां कठोर ठंड (-2°C से नीचे तापमान) में जीवित रहने के लिए अनोखी रणनीति अपनाती हैं.

खोज के दौरान ROV (रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल) से हजारों घोंसले देखे गए. ये घोंसले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और एक नेटवर्क जैसा बनाते हैं. वैज्ञानिकों ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात अंडरवॉटर फिश कॉलोनी है. मछलियां यहां अंडे देती हैं, उन्हें गार्ड करती हैं और शिकारियों से बचाती हैं.

हैरान करने वाली है खोज

यह खोज गोंडवाना महाद्वीप के प्राचीन समुद्री जीवन पर नई रोशनी डालती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये मछलियां (जिन्हें Antarctic plunderfish या icefish कहा जाता है) ठंड में जीवित रहने के लिए एंटीफ्रीज प्रोटीन बनाती हैं. घोंसले बनाने के लिए वे पत्थर इकट्ठा करती हैं और उन्हें व्यवस्थित रूप से रखती हैं.

यह व्यवहार इतना जटिल है कि वैज्ञानिकों ने कहा– “यह मछलियों का शहर है, जहां हर घोंसला एक घर है.” यह खोज 2025 में हुई, जब वैज्ञानिक एक पुराने जहाज के मलबे की तलाश कर रहे थे. लेकिन इसके बजाय उन्हें यह विशाल कॉलोनी मिली. वैज्ञानिकों ने कहा कि यह नजारा अब तक नहीं देखा गया था. अंटार्कटिका की बर्फ पिघलने से ऐसी खोजें और हो सकती हैं.

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