भिलाई [न्यूज़ टी 20] । अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत पर गर्व महसूस किया जा रहा है। इसके तहत श्रमिकों के सम्मान में पुलिस अधीक्षक दुर्ग डॉ. अभिषेक पल्लव के नेतृत्व में दुर्ग पुलिस ने पुलिस ऑफिसर मेस मैं बोरे बासी समारोह के रूप में आयोजन किया गया।

इस अवसर पर राजपत्रित अधिकारी व सभी थानों के प्रभारी इस आयोजन में सम्मिलित होकर बोरे बासी का आनंद लिया। इसे ग्रहण कर वे गौरवान्वित महसूस किए। छत्तीसगढ़ में गर्मियों के दिनों में ‘बोरे बासी’ (Bore Basi) सबसे पसंदीदा भोजन में से एक है। जहां वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं विरासत के रूप में धरोहर बोरे बासी पर स्वास्थ्यगत चर्चा की।


कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जिला दुर्ग संजय ध्रुव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जिला दुर्ग अनंत साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) जिला दुर्ग कविलाश टंडन, वैभव बैंकर परिवीक्षाधीन भा.पु.से,

गुरजीत सिंह उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) दिव्यांश राठौर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन, नसर सिद्धकी, उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) जिला दुर्ग, अभिषेक झा, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) जिला दुर्ग,

नीलेश द्विवेदी उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) जिला दुर्ग, रमेश कुमार चंद्रा, रक्षित निरीक्षक दुर्ग, सूबेदार तृप्ति सिंह राजपूत रक्षित केंद्र दुर्ग एवं जिला दुर्ग के थाना चौकी प्रभारी सम्मिलित हुए।

बिलासपुर में कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने खाए बोरे-बासी

बिलासपुर में भी आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में गर्मियों के दिनों में स्वास्थ्य रक्षा के लिए ‘बोरे बासी’ का हर घर में उपयोग होता है। राज्य में पहली बार बोरे बासी को लेकर काफी चर्चा हो रही है। 1 मई यानी मजदूर दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों से बोरे बासी खाने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के गढ़ कलेवा में भी रोजाना 250 लोगों के हिसाब से बोरे बासी बनाई जा रही है। सीएम कि अपील पर अपने आहार और संस्कृति के गौरव की अनुभूति के लिए देश-विदेश के कोने-कोने में बसे राज्य के लोग बोरे-बासी खाकर श्रम का सम्मान कर रहे हैं।

इसी के तहत बिलासपुर कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने छत्तीसगढ़ी अंदाज में मजदूर दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा बोरे-बासी खाकर छत्तीसगढ़ के अपने श्रमिक भाइयों और बहनों को सम्मान दें। जो इस सुपरफूड का सेवन कर पूरी ताकत और शक्ति के साथ राज्य के विकास के लिए दिन-रात काम करते हैं।

कलेक्टर डॉ. मित्तर ने कहा बोरे बासी राज्य की संस्कृति से जुड़ा हुआ है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में नई पीढ़ी इसे भूल रही है। मुख्यमंत्री राज्य की संस्कृति और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं।

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