सूरजपुर। बीजापुर के सैंड्रा क्षेत्र में पदस्थ SF-6 बटालियन के CAF जवान विजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद सूरजपुर में परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने शव को स्टेट हाईवे पर रखकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

परिजनों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर जवान की मौत को आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार ने मौत की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन

जवान का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने देवनगर मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में जवान की पत्नी, बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें मौत की जांच और न्याय को लेकर संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक जवान का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

पत्नी को नौकरी और 1 करोड़ मुआवजे की मांग

परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर पत्र सौंपा है। इसमें जवान की पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था और परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही परिवार ने जवान को सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की मांग की है। परिजनों की इच्छा है कि अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए।

प्रशासन ने शुरू की बातचीत

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद रामानुजनगर SDM और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना और समझाइश देने का प्रयास किया। कई घंटे तक संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने के कारण ग्रामीण और परिजन सड़क पर डटे रहे। प्रशासन की ओर से परिवार के साथ बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास जारी रहा।

मौत की परिस्थितियों पर परिवार ने उठाए सवाल

जानकारी के मुताबिक विजेंद्र ठाकुर की मौत बीजापुर के सैंड्रा क्षेत्र में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी में मौत को आत्महत्या बताया गया है। हालांकि, मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शव गांव पहुंचने के बाद परिवार ने आत्महत्या की बात पर सवाल उठाए और मामले की विस्तृत जांच की मांग की। परिजनों ने बटालियन स्तर पर भी कुछ सवाल उठाते हुए पूरी घटना की जांच कराने की मांग की है।

शहीद का दर्जा देने की मांग

परिजनों में जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने को लेकर भी नाराजगी है। परिवार की मांग है कि मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की जाए और जांच के आधार पर जवान को मिलने वाले सम्मान और सुविधाओं पर निर्णय लिया जाए। फिलहाल प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत जारी है। मामले में आगे की स्थिति प्रशासन के आश्वासन और जांच की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

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