
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखी मिठाई की खूब चर्चा हो रही है. इसमें सूअर के चमड़े से एक खास बर्फी बनाने का दावा किया जा रहा है. वीडियो के मुताबिक, इस मिठाई को भारत के पहाड़ों में खाया जाता है लेकिन कई लोगों का कहना है कि ये मिठाई चीन में खाई जाती है. वीडियो में दिखाया जा रहा है कि सूअर की खाल को अच्छे से साफ करके लंबे समय तक उबाला जाता है, फिर इसे ठंडा करके जेली जैसी बर्फी बना ली जाती है.
ऊपर से चीनी, अदरक, दालचीनी या स्थानीय मसाले डालकर इसे मीठा और स्वादिष्ट बनाया जाता है. लोग इसे “पहाड़ों की अनोखी बर्फी” बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हिमाचल-उत्तराखंड के दूरदराज गांवों में यह पारंपरिक रूप से बनाई जाती है. वीडियो ने अब बहस छेड़ दी है.

कैसे बनती है मिठाई?


यह असल में चीन की प्रसिद्ध “पॉर्क स्किन जेली” है. वीडियो में दिखाया जाता है कि सूअर की खाल को पहले अच्छे से धोया जाता है, बाल हटाए जाते हैं, फिर प्रेशर कुकर या बड़े बर्तन में घंटों उबाला जाता है. उबालने के दौरान खाल से निकलने वाला कोलेजन पानी में घुलकर जेली बनाने लगता है. ठंडा होने पर यह सख्त और पारदर्शी हो जाती है.
फिर इसे काटकर प्लेट में रखा जाता है और ऊपर से मीठा सिरप या चटनी डाली जाती है. खाने वाले बताते हैं कि इसका स्वाद अनोखा होता है– नरम, चिपचिपा और हल्का मीठा-नमकीन. यह डिश कोलेजन से भरपूर होती है. कोलेजन त्वचा की चमक, बालों और जोड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.
पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दियों में इसे खाने का चलन बताया जाता है क्योंकि ठंड में शरीर को गर्माहट और ताकत देता है. गांवों में इसे सस्ता और घरेलू नुस्खा समझा जाता है. कई लोग कहते हैं कि पुराने समय में जब जेलेटिन नहीं था, तब प्राकृतिक कोलेजन के लिए सूअर की खाल का इस्तेमाल किया जाता था.
