


NATO Summit 2026: अमेरिका ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को बड़ा गिफ्ट दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में ऐलान कर दिया है कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम बनाने का लाइसेंस देगा। ट्रंप ने कहा है कि ये फैसला इसलिए लिया जा रहा है ताकि यूक्रेन, रूस की ओर से हो रहे मिसाइल हमलों का मुकाबला कर सके। आपको बता दें कि पैट्रियट एयर डिफेंस का लाइसेंस मिलना यूक्रेन के लिए बड़ी कामयाबी है। वह लंबे समय से अमेरिका से इसकी मांग कर रहा था।
यूक्रेन के लिए क्यों मानी जा रही कामयाबी?
तुर्की में नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा- “हम उन्हें पैट्रियट डिफेंस सिस्टम बनाने का अधिकार देंगे। हम उन्हें बताएंगे कि इसे कैसे बनाया जाता है।” आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब 5वें साल में एंट्री कर चुकी है। रूस के हमलों से बचने के लिए यूक्रेन को अत्याधुनिक तकनीक की भारी जरूरत हो रही है। पैट्रियट सिस्टम जैसी तकनीक काफी महंगी हैं, इनकी मांग बहुत ज्यादा है और इनको बनाने में काफी लंबा समय लगता है। ऐसे में जेलेंस्की पैट्रियट को बनाने के लिए लाइसेंस देने की मांग कर रहे थे।

पैट्रियट के बारे में जानिए
पैट्रियट एयर डिफेंस जमीन से हवा में मार करने वाली तकनीक है। ये UAV, क्रूज मिसाइलों और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसका निर्माण अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन ने किया है।
पेट्रियट सिस्टम में पांच मुख्य हिस्से होते हैं: एक रडार सेट, एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन, मिसाइल लॉन्चर और पेट्रियट मिसाइलें। इसकी मिसाइल की रेंज 15-22 km के आसपास होती है। वहीं, सिस्टम के रडार की रेंज लगभग 100 km होती है। जानकारी के अनुसार, पेट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम अब तक 13 देशों ने खरीदे हैं।
जेलेंस्की क्या बोले?
डोनाल्ड ट्रंप के साथ मीटिंग को लेकर जेलेंस्की ने कहा- “राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम के साथ अच्छी मीटिंग हुई। लोगों की जान बचाने के लिए यूक्रेन के एयर डिफेंस को मजबूत करने पर दिए गए जोर के लिए मैं आभारी हूं। राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने कुछ ऐसे मुद्दों पर बात की जिनसे हमारी स्थिति मज़बूत हो सकती है और शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारी टीमें आज हुई बातचीत पर तुरंत आगे की कार्रवाई करेंगी। हमने डिप्लोमेसी पर भी बात की–हम इसे सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
