NATO Summit 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जॉइंट बेस एंड्रयूज से तुर्किये के लिए रवाना हुए। वह अंकारा में होने वाली NATO समिट में शामिल होने के लिए एयर फोर्स वन में सवार होकर रवाना हुए। बता दें कि 7-8 जुलाई को होने वाली इस अहम बैठक से पहले, NATO के देशों के बीच रक्षा खर्च, बर्डन शेयरिंग और यूरोपीय सुरक्षा में अमेरिका की भूमिका को लेकर तनाव चल रहा है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने बताया कि ट्रंप समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से भी बातचीत करेंगे।

ट्रंप का तुर्किये में कार्यक्रम

बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार दोपहर को अंकारा पहुंचेंगे, जहां तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन उनका स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले वह राजकीय स्वागत समारोह और गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण में शामिल होंगे।” बयान के अनुसार, “मंगलवार शाम, राष्ट्रपति ट्रंप NATO नेताओं के सोशल डिनर में शामिल होंगे।


बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप आधिकारिक स्वागत और फैमिली फोटो सेशन में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद NATO नेताओं का वर्किंग सेशन होगा। बुधवार दोपहर, राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और सीरियाई अरब गणराज्य के राष्ट्रपति अल-शारा के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। अंत में, अंकारा से रवाना होने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।”

तुर्किये को लेकर NATO में विवाद

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सालों से NATO के कई सहयोगी देश तुर्किये को शक की नजर से देखते रहे हैं। इसकी वजह तुर्किये का रूसी एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना, सीरिया में पश्चिमी देशों के समर्थन वाली कुर्द सेनाओं पर हमला करना और NATO में शामिल होने की स्वीडन की कोशिश में अड़ंगा लगाना रही है।

लेकिन अब ट्रंप ने NATO को ‘पेपर टाइगर’ (दिखावटी ताकत) कहकर और यह कहकर कि वह इस साल के समिट में सिर्फ तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की वजह से शामिल हो रहे हैं, नजरिया बदल दिया है। यह ट्रंप और उनके यूरोपीय ‘सहयोगी देशों’ के बीच खराब होते रिश्तों का ताजा संकेत है।

ट्रंप ने की तुर्किये की तारीफ

वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एर्दोगन ने अपनी AK पार्टी की हालिया बैठक में कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंकारा की पहचान पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ेगी और हमारी राजधानी ग्लोबल डिप्लोमेसी के केंद्र के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाएगी।” हाल के हफ्तों में ट्रंप ने एर्दोगन का समर्थन किया है और उन्हें “अपना दोस्त” और “जबरदस्त नेता” बताया है।

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर यह समिट तुर्किये में राष्ट्रपति एर्दोगन की मेजबानी में नहीं हो रहा होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें शामिल होता।” उस समय NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे उनके बगल में बैठे थे।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed