


रायपुर। छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने राज्य में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने शुरुआती चरण में सभी 5 कॉलेजों के लिए 50-50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों की अनुमति दी है।
इन 5 जगहों पर खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
एनएमसी से मंजूरी मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ के इन क्षेत्रों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना होगी:

- गीदम (दंतेवाड़ा)
- जांजगीर
- मनेंद्रगढ़
- जशपुर (कुनकुरी)
- कबीरधाम (कवर्धा)
राज्य सरकार की अपील के बाद दोबारा हुआ था निरीक्षण
बता दें कि प्रारंभिक चरण में एनएमसी ने भौतिक निरीक्षण के बाद राज्य में इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से इनकार कर दिया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने हार न मानते हुए एनएमसी के समक्ष अपील दायर की। राज्य सरकार की इस अपील को गंभीरता से लेते हुए एनएमसी की टीम ने दूसरी बार इन जगहों का दौरा (विजिट) किया। टीम ने कड़े मापदंडों और जरूरी शर्तों की समीक्षा करने के बाद आखिरकार पांचों नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने की अनुमति दे दी है।
कबीरधाम मेडिकल कॉलेज को मिला ‘अनुमति पत्र’ (LoP)
पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत सरकारी मेडिकल कॉलेज कबीरधाम को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए अनुमति पत्र (Letter of Permission – LoP) जारी कर दिया गया है। एनएमसी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह मंजूरी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 और स्नातक चिकित्सा शिक्षा मानक विनियम (UGMSR), 2023 के प्रावधानों के तहत दस्तावेजों और मूल्यांकन रिपोर्ट की जांच के बाद दी गई है।
मेडिकल कॉलेजों के लिए ये नियम और शर्तें होंगी अनिवार्य
एनएमसी ने अनुमति देने के साथ ही कॉलेजों के लिए कुछ सख्त दिशा-निर्देश और शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन संस्थान को निरंतर करना होगा:
- मानकों को बनाए रखना: संस्थान को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान अस्पताल की अवसंरचना (Infrastructure), मानव संसाधन, शिक्षण संकाय (Faculty), उपकरण और क्लीनिकल मटेरियल के निर्धारित मानकों को बनाए रखना होगा।
- गलत जानकारी देने पर रद्द होगी मान्यता: यदि किसी भी स्तर पर यह पाया गया कि अनुमति पत्र झूठी घोषणा, गलत जानकारी या जाली दस्तावेजों के आधार पर लिया गया है, तो MARB इस अनुमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त या वापस लेने के लिए स्वतंत्र होगा।
- वैधानिक मंजूरियां: कॉलेजों को भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा (Fire Safety), प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सभी जरूरी लाइसेंस और मंजूरी रखनी होगी।
- 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ): इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार की नीति के तहत, सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग के लिए 15% एमबीबीएस सीटें ऑल इंडिया कोटा में देनी होंगी।
- आधिकारिक वेबसाइट बनाना अनिवार्य: सभी कॉलेजों को अपनी एक अपडेटेड वेबसाइट बनानी होगी। इस वेबसाइट पर पाठ्यक्रम, स्वीकृत सीटें, डॉक्टरों/शिक्षकों की योग्यता, अस्पताल की सुविधाएं, ओपीडी-आईपीडी (OPD/IPD) के आंकड़े और जन्म-मृत्यु के रिकॉर्ड जैसी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी।
