


बलरामपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुंदीकला में महतारी वंदन योजना के केवाईसी के नाम पर 113 महिलाओं के नाम से 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी खाद का फर्जी आहरण कर लिया। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद अनुविभागीय अधिकारी राजपुर के निर्देश पर राजपुर थाने में दीपक कुमार सांडिल्य और विनोद कुमार सांडिल्य के विरुद्ध बीएनएस की धारा 3(5), 318(4) तथा 336(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।
दोनों आरोपी सगे भाई हैं। एक भाई च्वाइस सेंटर संचालक है और दूसरे के नाम खाद की डीलरशिप है। ग्रामीणों ने 25 जून 2026 को कलेक्टर के नाम एसडीएम को और राजपुर थाना में शिकायत की थी। शिकायत में बताया, गांव के ही विनोद कुमार सांडिल्य ने महतारी वंदन योजना के केवाईसी के नाम पर महिलाओं के आधार कार्ड लेकर बिना अनुमति उनके नाम से खाद निकाल ली।

फर्जीवाड़े के कारण पात्र किसानों को खाद नहीं मिल पाया। शिकायत पर नायब तहसीलदार ने जांच की। जांच में सामने आया कि 113 महिलाओं के नाम से कुल 980 बोरी खाद निकाली गई। इसमें 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी शामिल है। दीपक कुमार सांडिल्य के नाम से संचालित सीएससी सेंटर और उसके भाई विनोद कुमार सांडिल्य की संलिप्तता सामने आई।
विनोद कुमार सांडिल्य का अनुराग कृषि सेवा केंद्र के नाम से खाद की डीलरशिप है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, विनोद कुमार सांडिल्य ने दीपक सीएससी सेंटर की आइडी का इस्तेमाल किया। दीपक कुमार सांडिल्य ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के पंजीयन के नाम पर अंगूठा लगवाया। बाद में उसी अंगूठे का उपयोग कर खाद का आहरण कर लिया। महिलाओं को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान ने थाना प्रभारी राजपुर को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने दीपक सीएससी सेंटर की आइडी और विनोद कुमार सांडिल्य की डीलर आइडी अनुराग कृषि सेवा केंद्र को निरस्त करने की अनुशंसा की है।
दोनों ने मिलीभगत कर शासकीय योजना की आड़ में धोखाधड़ी की है। एसडीएम के निर्देश पर राजपुर पुलिस ने दीपक कुमार सांडिल्य और विनोद कुमार सांडिल्य के विरुद्ध बीएनएस की धारा 3(5) साझा आपराधिक कृत्य, 318(4) धोखाधड़ी और 336(3) दस्तावेजों की जालसाजी के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
