
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइप लाइन निर्माण कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। गड्ढे में दबने से तीन मजदूरों की मौत के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में Steel Authority of India Limited (SAIL) के अधीन संचालित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है, जबकि पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार दल्ली राजहरा क्षेत्र में सीवरेज पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गहरे गड्ढे में काम कर रहे मजदूर अचानक मिट्टी धंसने से उसके नीचे दब गए। हादसा इतना भयावह था कि तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मजदूरों के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद मृतक मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बीएसपी अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और अधिकारियों की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान गई।


प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए बीएसपी के डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों पर कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी और निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। अधिकारियों के निलंबन के बाद यह संकेत मिला है कि प्रबंधन मामले को गंभीरता से ले रहा है। इधर पुलिस ने भी मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, मजदूरों को दिए गए सुरक्षा उपकरण और कार्य के दौरान अपनाए गए मानकों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद यदि लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े निर्माण कार्यों में अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
