दुनिया के सबसे ठंडे देश में कैसे नहाते हैं लोग? खौलता पानी भी बन जाता है बर्फ! जानिए साइबेरिया की हैरान कर देने वाली कहानी

साइबेरिया: धरती का सबसे ठंडा इलाका

भारत में सर्दियों की शुरुआत होते ही लोग ठंड से बचने के लिए हीटर और गीजर का सहारा लेते हैं, लेकिन सोचिए—जहां तापमान माइनस 71 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, वहां लोग नहाते कैसे होंगे?
ये जगह है रूस का साइबेरिया, विशेषकर याकुटिया क्षेत्र का ओयम्याकोन गांव, जिसे “पोल ऑफ कोल्ड” कहा जाता है। यहां ठंड इतनी भयंकर होती है कि साबुन बॉडी पर जम जाता है और खौलता पानी हवा में उछालते ही बर्फ बन जाता है

इतना ठंडा कि पानी उड़ते ही जम जाए

यहां की ठंड का असर इतना जबरदस्त है कि गरम पानी भी हवा में फेंकते ही बर्फ बन जाता है।
इसे “Mpemba Effect” (म्पेम्बा इफेक्ट) कहा जाता है।
विज्ञान के मुताबिक, गर्म पानी ठंडी हवा में तेजी से वाष्पीकृत होकर बर्फ के महीन कणों में बदल जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में साइबेरिया और फिनलैंड के लोग -40°C तापमान में ये एक्सपेरिमेंट करते दिखते हैं, लेकिन ये खतरनाक भी साबित हो सकता है क्योंकि हवा उल्टी दिशा में चली तो त्वचा जल सकती है।


‘बान्या’ – साइबेरिया का पारंपरिक बाथहाउस

इतनी ठंड में लोग रोज नहाते नहीं हैं।
यहां लोग “Banya” (बान्या) नाम के पारंपरिक रूसी बाथहाउस में नहाते हैं।
ये लकड़ी से बने छोटे घर होते हैं, जिनके अंदर भट्ठी जलाकर हीटिंग की जाती है।
स्थानीय महिला कियुन बी के अनुसार –

“सुबह आग जलाकर कमरे को गर्म करने में ही घंटों लग जाते हैं।
फिर स्टीम रूम में नहाते हैं, जहां तापमान 80 से 100 डिग्री सेल्सियस तक होता है।”

नहाने के बाद लोग बॉडी पर तेल या फैट बेस्ड क्रीम लगाते हैं ताकि ठंड से त्वचा को नुकसान न पहुंचे।
आमतौर पर लोग हफ्ते में एक या दो बार ही बान्या स्नान करते हैं।

छह महीने तक रहती है बर्फबारी

याकुट्स्क शहर, जो आर्कटिक सर्कल के करीब है, दुनिया का सबसे ठंडा आबाद शहर माना जाता है।
यहां छह महीने तक सर्दी रहती है और जनवरी में औसत तापमान -40°C तक पहुंच जाता है।
NASA और World Maps के आंकड़े बताते हैं कि रूस का औसत वार्षिक तापमान -5°C के आसपास रहता है, जिससे यह दुनिया का सबसे ठंडा देश बनता है।

जम जाता है साबुन, सांस से बनती है बर्फ

यहां की हवा इतनी ठंडी होती है कि

  • साबुन बॉडी पर लगाते ही बर्फ में बदल जाता है,

  • सांस छोड़ने पर धुंए जैसी बर्फ की परत बनती है,

  • और कपड़े सूखाने में कई दिन लग जाते हैं
    फिर भी, साइबेरिया के लोग इस मौसम में सर्वाइव करने के साथ-साथ ठंड को एंजॉय भी करते हैं।

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