



Gold-Silver Price Today: अगर आप इस सोच में हैं कि आने वाले दिनों में सोने की चेन, सिक्के या बार में कुछ पैसा लगा दिया जाए, तो बाजार पर नजर रखना सबसे पहला काम होना चाहिए। हमारे देश के सर्राफा बाजार का मूड रोजाना बदलता है, इसलिए ज्वेलरी शॉप पर जाने से पहले सही रेट पता होना बेहद जरूरी है। जब आप रोजाना की कीमतों पर नजर रखते हैं, तो न सिर्फ आपको सही समय का अंदाजा होता है, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई पर बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद भी काफी बढ़ जाती है।
आखिर भारत में कैसे तय होते हैं सोने के दाम?
बहुत से लोग सोचते हैं कि सोने के रेट केवल मांग और आपूर्ति से तय होते हैं, पर सच यह है कि इसके पीछे कई पेंच हैं। सबसे पहला असर तो इंटरनेशनल मार्केट का पड़ता है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हमारे रुपए की क्या स्थिति है और दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में क्या चल रहा है, ये सब बातें रेट तय करने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। घरेलू मोर्चे की बात करें तो दीपावली, धनतेरस या शादियों के सीजन में जैसे ही खरीदारी बढ़ती है, भाव अचानक चढ़ जाते हैं।

24, 22 और 18 कैरेट सोने का आज क्या है भाव?
शुक्रवार और शनिवार के गणित को देखें तो भारतीय बाजार में अलग-अलग प्योरिटी के हिसाब से अलग-अलग रेट हैं। सबसे शुद्ध यानी 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹147,399 प्रति 10 ग्राम के आसपास टिका हुआ है। वहीं, अगर आप गहने बनवाने की सोच रहे हैं तो 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹135,794 प्रति 10 ग्राम चल रहा है। इसके अलावा कम बजट वाले लोगों के बीच पसंद किया जाने वाला 18 कैरेट सोना इस समय ₹111,105 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर मिल रहा है।
हर शहर में रेट अलग क्यों दिखाई देते हैं?
आपने ध्यान दिया होगा कि दिल्ली, मुंबई या चेन्नई के रेट कभी एक जैसे नहीं होते। इसकी वजह यह है कि पूरे देश में सोने को लेकर कोई एक तय टैक्स या नियम नहीं है। अलग-अलग राज्यों के अपने टैक्स, ट्रांसपोर्ट का खर्च और वहां के लोकल ज्वैलर्स का मेकिंग चार्ज मिलकर अंतिम कीमत तय करते हैं। अमूमन देखा जाए तो चेन्नई जैसे दक्षिणी शहरों में सोने के भावों में बाकी जगहों के मुकाबले ज्यादा तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
चांदी की चमक बरकरार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सितंबर वायदा वाली चांदी ₹2,27,180 प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही है। रिटेल यानी आम दुकानों की बात करें तो वहां चांदी ₹2,39,900 प्रति किलोग्राम तक जा पहुंची है। इस तेजी के पीछे असली वजह सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) और 5G चिप्स बनाने वाली कंपनियों की तरफ से आ रही भारी मांग है।
