दुर्ग  पूर्णिमा शुक्ला
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सेवा सुशासन और गरीब कल्याण कार्य के 25 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं, जिसे लेकर दुर्ग संभाग स्तरीय महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन दुर्ग के सर्किट हाउस में आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने संबोधित किया। प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक ललित चंद्राकर, वरिष्ठ नागरिक सुरेंद्र कौशिक, जितेंद्र वर्मा, श्री श्याम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ। यह 25 वर्ष निरंतर सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई उनकी जनसेवा की यात्रा आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में आगे बढ़ रही है। इस यात्रा में उन्होंने हर जिम्मेदारी को जनसेवा का अवसर माना है। मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की जनता के लिए काम किया और प्रधानमंत्री के रूप में देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। छत्तीसगढ़ के साथ माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विशेष अपनत्व का रिश्ता रहा है। वे जब संगठन के पदाधिकारी थे, तब बस्तर जैसे सुदूर अंचल में जगह-जगह प्रवास करते थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी छत्तीसगढ़ के साथ विकास के कई मोर्चाे पर अनुभवों का आदान-प्रदान होता रहा है। इन 25 वर्षों में राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और परिवर्तन का माध्यम बनाने का प्रयास हुआ है। गरीब परिवार को पक्का घर, किसान को आर्थिक सहायता, महिला को सम्मान और सुविधा, युवा को अवसर और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास शासन का मूल मंत्र बना। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह अंत्योदय की भावना है। संकल्प को केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री जी ने जनकल्याण को योजनाओं तक सीमित नहीं रखा। बैंक खाता, गैस कनेक्शन, शौचालय, नल से जल, स्वास्थ्य बीमा योजना, आवास और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से सरकार और नागरिक के बीच सीधा संबंध बनाया। इससे पहले जिन परिवारों तक सरकारी सहायता पहुँचने में कठिनाई होती थी, वे अब योजनाओं के लाभार्थी बने हैं। कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों के बैंक खाते खुले। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के बाद गरीब परिवारों को सरकारी सहायता सीधे खाते में मिलने लगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता बढ़ी। जनधन खाते, आधार और मोबाइल के उपयोग से लाभार्थियों तक सहायता पहुँचाने की व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के लगभग 25 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं। यह बताता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन पर आधारित गरीब कल्याण की योजनाएं किस बड़े बदलाव का माध्यम बनी हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से लगभग 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत मुफ्त खाद्यान्न का लाभ मिल रहा है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाई है। घर केवल दीवार और छत नहीं होताः यह परिवार को सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता देता है। बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए पक्का घर महत्वपूर्ण आधार बनता है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन ने महिलाओं के दैनिक जीवन की कठिनाइयाँ कम करने में सहायता की है। रसोई गैस से धुएँ में खाना बनाने की मजबूरी घटी, शौचालय से गरिमा और सुरक्षा बढ़ी और घर तक नल से जल पहुँचने से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम कम हुआ। उज्ज्वला योजना से छत्तीसगढ़ की लगभग 39 लाख 54 हजार महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली। जल जीवन मिशन ने माताओं-बहनों की एक और बड़ी परेशानी कम की। छत्तीसगढ़ के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुंच रहा है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रतिवर्ष पाँच लाख रुपये तक के उपचार का सुरक्षा कवच मिला है। इस योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक किया गया है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो। इससे गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है।किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है। फसल बीमा, सिंचाई, कृषि अवसंरचना और आधुनिक तकनीक से जुड़ी योजनाएँ खेती को अधिक सुरक्षित और उत्पादक बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। किसानों को सम्मान और उनकी आय को बेहतर बनाने का लक्ष्य सरकार की प्राथमिकता में रहा है।
कश्यप ने कहा कि मुद्रा योजना, कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया और पीएम विश्वकर्मा जैसी पहलों ने युवाओं, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक कारीगरों के लिए आगे बढ़ने के अवसर बनाए हैं। इन योजनाओं से व्यक्ति अपने कौशल और परिश्रम के आधार पर रोजगार देने वाला उद्यम शुरू कर सकता है। डिजिटल इंडिया ने भुगतान, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक पहुँच को आसान किया है। आज डिजिटल भुगतान आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत ने देश में उत्पादन, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया है। छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का नेतृत्व विशेष महत्व रखता है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के गरीब परिवारों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समाज को केंद्रीय योजनाओं का व्यापक लाभ मिला है। राष्ट्रीय स्तर की विकास परियोजनाओं ने राज्य की सड़क, रेल, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूती दी है। छत्तीसगढ़ को केंद्र से वित्तीय सहायता और विकास योजनाओं का लाभ मिला है। संलग्न विभागीय सामग्री के अनुसार, बीते वर्षों में राज्य को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में सहायता प्राप्त हुई है। इस सहयोग से सड़क, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढाँचे के कार्यों को गति मिली है। कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि महत्वपूर्ण सहायता बनी है। संलग्न सामग्री के अनुसार, प्रदेश के 25 लाख 51 हजार किसानों को 11 हजार 277 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उनके खातों में पहुँचाई गई है। यह राशि किसानों को बीज, खाद, कृषि कार्यों और परिवार की आवश्यकताओं में मदद देती है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसान सम्मान निधि के साथ केंद्र और राज्य की कृषि योजनाओं का उद्देश्य खेती को मजबूत करना है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि तकनीक के उपयोग, फसल बीमा और किसान पंजीयन से खेती से जुड़े निर्णय अधिक व्यवस्थित हो रहे हैं। जब किसान को समय पर सहायता और बेहतर बाजार व्यवस्था मिलती है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है। छत्तीसगढ़ धान उत्पादन और धान खरीदी के लिए देश में विशेष पहचान रखता है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और खरीदी व्यवस्था को सरल बनाना हमारी प्राथमिकता है। केंद्र की योजनाओं और राज्य सरकार के प्रयासों से किसान को आर्थिक सुरक्षा देने का काम आगे बढ़ा है। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाई है। शौचालय निर्माण से महिलाओं और परिवारों को सुविधा तथा सुरक्षा मिली है। श्री कश्यप ने कहा कि स्वच्छता को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर सामाजिक आदत बनाने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को छत्तीसगढ़ में गति मिली है। संलग्न सामग्री के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है और अन्य स्वीकृत आवासों पर काम जारी है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आवास निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 30 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तीन लाख हितग्राहियों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में भाग लिया। यह अवसर उन परिवारों के लिए खुशी और सम्मान का दिन था, जिन्होंने लंबे समय से अपने पक्के घर का इंतजार किया था। प्रदेश में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, रेलवे ट्रैक का विस्तार, रेल लाइनों का दोहरीकरण तथा रेलवे फ्लाईओवर और पुलों का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ के यात्रियों को आधुनिक ट्रेन सेवाओं का लाभ भी मिल रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास किया जा रहा है। एक नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 3 लाख 51 हजार आवासों का गृह प्रवेश हुआ और तीन लाख हितग्राहियों के लिए 1,200 करोड़ रुपये की किस्त जारी की गई। इन पहलों से आवास योजना को नई गति मिली और लाभार्थियों के घर बनाने का काम आगे बढ़ा। जनजातीय समाज का विकास प्रधानमंत्री जी की विशेष प्राथमिकता रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गाँवों के समग्र विकास पर काम हो रहा है। इन गाँवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और आजीविका जैसी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में 56 हजार से अधिक ऐसे परिवारों तक आवास, सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचाने का काम हुआ है। दूरस्थ बसाहटों तक विकास पहुँचाना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता देकर जनजातीय समाज के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। वन धन जैसी पहल ने लघु वनोपज से जुड़े परिवारों की आजीविका को मजबूत करने का रास्ता खोला है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन उपज का मूल्य संवर्धन और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण से ग्रामीण आय बढ़ाने के अवसर बनते हैं। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और इतिहास हमारी साझा धरोहर हैं। जनजातीय नायकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और उनके अधिकारों व अवसरों को मजबूत करना जरूरी है। प्रदेश में जनजातीय संग्रहालयों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से इस गौरवशाली विरासत को पहचान मिल रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है, राष्ट्रहित सर्वोः परि और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस। उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिन्दूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति ने देशवासियों के मन में नया विश्वास पैदा किया है। बस्तर में शांति की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन और केंद्र तथा राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। 31 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ समेत देश नक्सलवाद से मुक्त हुआ। इस सफलता का श्रेय हमारे सुरक्षा बलों के साहसी जवानों, स्थानीय लोगों और उन सभी कर्मियों को जाता है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में सेवा की। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ संवाद, पुनर्वास और विकास के प्रयास भी जारी रहे।
मंत्री कश्यप ने कहा कि हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था ने विश्वास बनाने में भूमिका निभाई है। बस्तर में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, संचार और आजीविका के अवसरों को और मजबूत करना हमारा संकल्प है। जिन इलाकों में पहले शासन की सेवाएँ पहुँचाना कठिन था, वहाँ अब योजनाओं का लाभ पहुँच रहा है। बस्तर के हर गाँव और हर परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। नियद नेल्लानार जैसी पहल के माध्यम से सुरक्षा शिविरों और आसपास के गाँवों तक सरकारी सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, पेयजल, बिजली, बैंकिंग और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लाभ लोगों तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शासन की उपस्थिति नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों के समाधान से मजबूत होती है। बस्तर में सड़क और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने से गाँवों और कस्बों के बीच संपर्क बेहतर हो रहा है। परिवहन की उपलब्धता से विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज पहुँच सकते हैं, मरीज अस्पताल जा सकते हैं और किसान तथा छोटे कारोबारी अपने उत्पाद बाजार तक ले जा सकते हैं। संपर्क सुविधाएँ शांति और विकास के स्थायी आधार बनती हैं।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान पर्यटन की बड़ी संभावना रखती है। चित्रकोट जलप्रपात, घने जंगल, ऐतिहासिक स्थल, जनजातीय कला और स्थानीय परंपराएँ देश- दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं, कलाकारों, कारीगरों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक्स जैसे आयोजनों ने बस्तर की प्रतिभा और सांस्कृतिक समृद्धि को व्यापक पहचान दी है। ऐसे मंच स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों और युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देते हैं। बस्तर की सकारात्मक पहचान को मजबूत करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में रेल कनेक्टिविटी का विशेष महत्व है। रेल परियोजनाओं से यात्रियों को सुविधा मिलती है और कोयला, इस्पात तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन को गति मिलती है। बेहतर रेल नेटवर्क से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को बड़े शहरों और बाजारों से जोड़ने में मदद मिलती है। 24 फरवरी 2024 को विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में 34 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण और शिलान्यास हुआ। इनमें सड़क, रेलवे, कोयला, बिजली और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएँ थीं। कश्यप ने कहा कि लारा ताप विद्युत परियोजना के प्रथम चरण का राष्ट्र को समर्पण और द्वितीय चरण का शिलान्यास भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण सौगात रहा। 30 मार्च 2025 को बिलासपुर में 33 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और कार्यारंभ हुआ। इन परियोजनाओं में ऊर्जा, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास से जुड़े कार्य शामिल थे। इनका लाभ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों तक पहुँचेगा।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों के विस्तार से छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। रायपुर-विशाखापत्तनम मार्ग, रायपुर-दुर्ग बायपास, रायपुर-बिलासपुर-कटघोरा और अन्य प्रमुख मार्गों से यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक परिवहन को सुविधा मिलेगी। सड़कें उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाती हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से गाँवों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ा गया है। गाँव से मुख्य सड़क, मंडी, स्कूल या अस्पताल तक पहुँच आसान होना ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाता है। सड़क का लाभ केवल यात्रा में सुविधा तक सीमित नहीं रहता; इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार भी बढ़ते हैं। कश्यप ने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 14 हजार 260 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। इनमें सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा से जुड़े कार्य शामिल थे। प्रधानमंत्री जी ने नए विधानसभा भवन और जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन भी किया द्यइसी अवसर पर लगभग 3,150 करोड़ रुपये लागत के पत्थलगाँव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक चार लेन मार्ग का शिलान्यास हुआ। बेहतर सड़क संपर्क से प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आवागमन, व्यापार और पर्यटन को सुविधा मिलेगी। स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्रों और नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क की पहल निवेश और रोजगार की संभावनाएँ बढ़ाएगी।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में रेल, सड़क और हवाई संपर्क को विस्तार देने के प्रयास हुए हैं। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों से संपर्क बढ़ाने से प्रदेश के भीतर और बाहर आवागमन सुविधाजनक होता है। बेहतर कनेक्टिविटी राज्य के विकास को नई गति देती है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जी ने छत्तीसगढ़ को महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं। बिलासपुर के कार्यक्रम में 29 जिलों के 130 पीएम विद्यालयों के उन्नयन की पहल और रायपुर के विद्या समीक्षा केंद्र को समर्पित किया गया। कश्यप ने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और बेहतर शिक्षण सुविधाएँ बच्चों के भविष्य में निवेश हैं। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा देना है। बेहतर कक्षाएँ, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शिक्षण संसाधन विद्यार्थियों को सीखने का अच्छा वातावरण देते हैं। विद्या समीक्षा केंद्र से शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और सुधार के कार्यों में मदद मिलती है।स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उपचार का सुरक्षा कवच दिया है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग इस योजना के लाभार्थी हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएँ बढ़ाने के लिए नए मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार से प्रदेश के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ते हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहतर होती है। दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना विशेष रूप से जरूरी है। डिजिटल इंडिया ने छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक भी डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाने का रास्ता खोला है। कश्यप ने कहा कि मोबाइल नेटवर्क, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं से नागरिकों को बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और जानकारी तक पहुँचने में सुविधा होती है। डिजिटल कनेक्टिविटी आज शिक्षा, व्यापार और प्रशासन का महत्वपूर्ण आधार हैद्यडिजिटल सेवाओं के माध्यम से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति बढ़ी है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल भुगतान से नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती है। तकनीक का उपयोग तभी सार्थक है जब उसका लाभ गाँव और आम नागरिक तक पहुँचे कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश की संभावनाएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश के खनिज संसाधन, ऊर्जा क्षमता, कृषि उत्पादन और भौगोलिक स्थिति इसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। केंद्र और राज्य के सहयोग से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। कश्यप ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण है। ताप विद्युत, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से परिवारों को छत पर सौर ऊर्जा लगाने का अवसर मिलता है और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलता है।
कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की नीति ने देश में प्रशासनिक सुधारों और कारोबार को सरल बनाने की दिशा में काम किया है। छत्तीसगढ़ में भी सिंगल विंडो व्यवस्था और डिजिटल प्रक्रियाओं से निवेशकों और उद्यमियों को सुविधा देने के प्रयास जारी हैं। निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुँचाने का कार्य आगे बढ़ रहा है। केंद्र की योजनाओं और राज्य सरकार के प्रयासों का समन्वय प्रदेश के विकास को गति दे रहा है। हमारा प्रयास है कि योजनाओं का लाभ किसी पात्र परिवार से छूटे नहीं।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के जनसेवा के 25 वर्ष का अवसर सेवा भावना को और मजबूत करने का समय है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आम नागरिक पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने, उनकी समस्याएँ सुनने और समाधान में सहयोग करने का संकल्प लेंगे। कश्यप ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पात्र व्यक्ति को उसका लाभ मिले। आवास, राशन, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला, नल कनेक्शन, स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजातीय योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुँचना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मोदी जी के प्रति आभार जनसेवा के कार्यों में दिखाई देना चाहिए। छत्तीसगढ़ के हर गाँव, हर शहर और हर परिवार तक विकास के अवसर पहुँचें, इसके लिए सरकार और संगठन मिलकर काम करेंगे। जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान कराना हमारा दायित्व है। श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प आगे बढ़ रहा है। इस संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना हम सबका दायित्व है। सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर हम निरंतर आगे बढ़ेंगे

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