



रायपुर। छत्तीसगढ़ में बर्खास्त आरक्षक संतोष राठौर के खिलाफ एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने जेल में बंद आरक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का चालान पेश किया। चालान में बताया गया कि ड्यूटी में रहने के दौरान आरक्षक की आय 46 लाख थी और खर्च 62 लाख पाया गया।
जानिए चालान में क्या कुछ बताया गया
एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर द्वारा आज 5 अक्टूबर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के विरूद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपी के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति धारित करने की जानकारी के आधार पर आरोपी के विरूद्ध धारा 13(1)बी, 13(2) पीसी एक्ट 1988 यथा संशोधित अधि.2018 का पंजीबद्ध किया।

एसीबी ने मारा था छापा
1 दिसम्बर 2024 को आरोपी के बिलासपुर स्थित निवास स्थान सहित अन्य स्थानों पर एसीबी द्वारा छापा कार्यवाही की गयी थी। जाँच के दौरान आरोपी के आय व्यय के संबंध में संकलित जानकारी के आधार पर आरोपी का आय 46,08,341 रूपये तथा व्यय 62,28,137 रूपये होना पाया गया। आरोपी के आय की तुलना में आरोपी का व्यय अधिक होना पाया गया। संग्रहित साक्ष्य से आरोपी के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति धारित करने का अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर अभियोग पत्र पेश करने की कार्रवाई की गयी है।
गांजा तस्करी का पैसा बाटने का आरोप
विदित हो कि आरोपी संतोष कुमार राठौर के खिलाफ जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान अपने अन्य आरक्षक साथियों के साथ ट्रेन में गांजा तस्करी का पता कर गांजा तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार कर गांजा को खुद रख लेते थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत् कार्रवाई न करने के एवज में उनसे पैसा वसूली करने व आपस में बांट लेने का आरोप लगा था।
जीआरपी थाना बिलासपुर द्वारा आरोपी के खिलाफ धारा 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत् दर्ज किया जाकर प्रकरण को अग्रिम जाँच हेतु एसीसीयू जिला बिलासपुर को स्थानांतरित किया गया था। जाँच के दौरान एसीसीयू बिलासपुर द्वारा आरोपी उक्त के विरूद्ध चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया गया था।
आरोपी बर्खास्त
एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी संतोष कुमार राठौर वर्तमान में बिलासपुर जेल में है। आरक्षक संतोष कुमार राठौर को एनडीपीएस एक्ट के मामले में उसके विरूद्ध धारा 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट के मामले में आपराधिक आचरण प्रदर्शित करने के लिए पुलिस अधीक्षक रेल द्वारा 19 नवम्बर 2024 को सेवा से पृथक कर दिया गया है।
