



भिलाई। करोड़ों रुपये के जमीन सौदे में भिलाई नगर निगम की एमआईसी सदस्य, वार्ड-39 की कांग्रेस पार्षद रीता सिंह, उनके पति रमेश चंद्र सिंह और बेटे मानवचंद सिंह के खिलाफ उतई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पाटन स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के आदेश के बाद की गई है।
मामला रायपुर निवासी बीपी सिंह द्वारा दायर निजी परिवाद से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में छांटा क्षेत्र स्थित गिट्टी खदान और उससे लगी लगभग 25 एकड़ भूमि का सौदा 4 करोड़ 50 लाख रुपये में तय हुआ था। सौदे में एक चेन मशीन और दो हाइवा वाहन भी शामिल बताए गए थे।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि सौदे के एवज में कुल 4 करोड़ 39 लाख रुपये चेक के माध्यम से आरोपियों को भुगतान किए गए। शिकायत के मुताबिक, इनमें 2 करोड़ 90 लाख रुपये मानवचंद सिंह, 1 करोड़ रुपये रीता सिंह तथा शेष राशि रमेश चंद्र सिंह के खाते में जमा कराई गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बावजूद केवल 7 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री कराई गई, जबकि शेष भूमि का न तो नामांतरण कराया गया और न ही सौदे की अन्य शर्तों का पालन किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि जमीन बेचने का दावा करने वाले लोग वास्तविक भूमि स्वामी नहीं थे। आरोप है कि फर्जी इकरारनामा और अन्य दस्तावेज तैयार कर असली जमीन मालिकों के स्थान पर दूसरे व्यक्तियों के हस्ताक्षर कराए गए और इसी आधार पर करोड़ों रुपये का सौदा किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद जेएमएफसी पाटन ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों को जांच योग्य मानते हुए उतई पुलिस को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने पुलिस को दर्ज एफआईआर और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।
फिलहाल उतई पुलिस दस्तावेजों की वैधता, बैंकिंग लेनदेन, भूमि के वास्तविक स्वामित्व और पूरे जमीन सौदे से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
