



स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
दुर्ग स्थित अशरफिया ग्रुप स्कूल में गुरुवार को छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बालिका सुरक्षा, POCSO एक्ट, गुड टच-बैड टच और भोजन की बर्बादी रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई।

भोजन बचाने और संसाधनों के संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अन्न, जल, ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। बच्चों को बताया गया कि भोजन की बर्बादी आज एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है और प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अन्न का सम्मान करे तथा उसका अपव्यय न होने दे।

राष्ट्रगान और श्रद्धांजलि के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने महान क्रांतिकारियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्रसेवा को नमन किया।
‘अन्न का हर दाना अमूल्य है’
कार्यक्रम का संचालन संस्था के संस्थापक प्रतीक भोई ने किया। उन्होंने कहा कि अन्न का प्रत्येक दाना किसान की मेहनत, प्रकृति के आशीर्वाद और ईश्वर के प्रसाद का प्रतीक है। भोजन की बर्बादी रोकना केवल अच्छी आदत नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है।
छात्राओं को POCSO एक्ट और गुड टच-बैड टच की दी जानकारी
संस्था की संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती शहाना कुरैशी ने छात्राओं को POCSO अधिनियम, गुड टच-बैड टच तथा बालिका सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों, विशेषकर बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के उपायों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
गलत व्यवहार होने पर तुरंत करें शिकायत
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि यदि कभी कोई अनुचित व्यवहार या गलत स्पर्श महसूस हो तो बिना डरे अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत इसकी जानकारी दें। जागरूकता और समय पर शिकायत ही बच्चों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
